गौतमबुद्धनगर: नोएडा प्राधिकरण में किसानों की गूंज: भाकियू की अहम बैठक में उठे बड़े मुद्दे, समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक//नोएडा, 21 अप्रैल 2026 (मंगलवार):
नोएडा, किसानों से जुड़े लंबित मुद्दों को लेकर मंगलवार को सेक्टर-6 स्थित नोएडा प्राधिकरण सभागार में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) की एक महत्वपूर्ण और व्यापक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष अशोक भाटी ने की, जिनकी अगुवाई में किसानों ने अपनी समस्याओं को मजबूती के साथ अधिकारियों के सामने रखा।
बैठक में नोएडा प्राधिकरण की ओर से एसीईओ सतीश पाल, ओएसडी क्रांति शेखर, अरविंद कुमार, देवेंद्र प्रताप सिंह, जीएम ए.के. अरोड़ा, ए.के. सिंह, सुमित कुमार सहित जल, सीवर, सिविल और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। लगभग दो घंटे तक चली इस बैठक में किसानों से जुड़े कई ज्वलंत मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई और प्राधिकरण को ज्ञापन सौंपा गया।
अशोक भाटी: किसानों की आवाज को मजबूती से उठाने वाला नेतृत्व
जिलाध्यक्ष अशोक भाटी ने बैठक में बेहद स्पष्ट और सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि वर्षों से किसान अपनी समस्याओं को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन समाधान केवल आश्वासनों तक सीमित रह गया है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अब किसान केवल वादों से संतुष्ट नहीं होंगे, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहते हैं।
भाटी ने यह भी कहा कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो भारतीय किसान यूनियन बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी। उनका नेतृत्व किसानों के बीच मजबूत पकड़ और संघर्षशील छवि के लिए जाना जाता है, जो हर मुद्दे को पूरी मजबूती से उठाते हैं।
सुभाष चौधरी: संगठन की रणनीति और चेतावनी का स्पष्ट संदेश
भाकियू के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी सुभाष चौधरी ने बैठक में संगठन की ओर से कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि किसानों के कार्यों में लगातार देरी और अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रशासन यदि किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेता, तो संगठन चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति अपनाने को तैयार है। चौधरी ने यह भी स्पष्ट किया कि भाकियू हमेशा किसानों के अधिकारों की लड़ाई लड़ता आया है और आगे भी पूरी ताकत के साथ लड़ता रहेगा।
सचिन अवाना: युवाओं और किसानों के बीच सक्रिय भूमिका
बैठक में मौजूद युवा नेता सचिन अवाना ने भी किसानों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने खासतौर पर युवाओं के रोजगार, शिक्षा और गांवों में बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर चिंता जताई।
अवाना ने कहा कि आज का युवा किसान बेहतर अवसर और सम्मानजनक जीवन चाहता है, जिसके लिए प्रशासन को ठोस कदम उठाने होंगे। उनकी सक्रियता और जमीनी जुड़ाव उन्हें युवाओं और किसानों के बीच एक मजबूत कड़ी बनाता है।
बैठक में उठे प्रमुख मुद्दे:
- किसानों की आबादी निस्तारण
- भवन नियमावली से जुड़ी समस्याएं
- 10% आवासीय भूखंड का आवंटन
- वर्ष 1976 के किसानों के लंबित भूखंड
- पीपी एक्ट में दर्ज मुकदमे
- 64.7% अतिरिक्त मुआवजा
- युवाओं के लिए रोजगार व्यवस्था
- किसानों के लिए निःशुल्क चिकित्सा सुविधा
- प्राइवेट स्कूलों में रियायती प्रवेश
- गांवों में मूलभूत सुविधाओं का विकास
- सेक्टर-80, 81 सलारपुर बारात घर निर्माण में देरी
अधिकारियों के आश्वासन:
बैठक में प्राधिकरण अधिकारियों ने किसानों को भरोसा दिलाया कि—
- 5-ख के अनुसार किसानों की आबादी का निस्तारण किया जाएगा
- 1976 के किसानों के प्लॉटों को दुरुस्त कर वितरण किया जाएगा
- 10% भूखंड को जल्द सेक्टर-146 में लगाने की प्रक्रिया पूरी होगी
- सभी गांवों में विकास कार्यों के लिए शीघ्र निरीक्षण किया जाएगा
बैठक में श्रीपाल कसाना, विनोद प्रधान, विपिन तंवर, नवल प्रधान, रविंद्र भगत, सुंदर बाबा, महेश खटाना, प्रवीण बाबा, प्रमोद टाइगर, संदीप अवाना, अमित अवाना, रविंद्र भाटी, दीपक भाटी, जोगिंदर कसाना, सिंहराज गुर्जर, अजय गुर्जर, राकेश लोहिया, शैलेश बेसोया, नरेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
निष्कर्ष:
यह बैठक केवल औपचारिक चर्चा नहीं, बल्कि किसानों की बढ़ती नाराजगी और अधिकारों की लड़ाई का स्पष्ट संकेत बनकर उभरी है। अब सभी की निगाहें प्राधिकरण के अगले कदम पर टिकी हैं—क्या आश्वासन जमीन पर उतरेंगे या फिर आंदोलन की राह तय होगी।।
