मंगलवार, 21 अप्रैल 2026

गौतमबुद्घनगर: नोएडा में बीमा कंपनी की मनमानी पर भाकियू लोकशक्ति का हल्ला बोल, दबाव में पूरा क्लेम पास!!

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गौतमबुद्घनगर: नोएडा में बीमा कंपनी की मनमानी पर भाकियू लोकशक्ति का हल्ला बोल, दबाव में पूरा क्लेम पास!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

नोएडा, सेक्टर-18।
दो टूक// नोएडा, बीमा कंपनियों की कथित मनमानी के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) ने सोमवार को जोरदार प्रदर्शन कर एक पीड़ित परिवार को बड़ी राहत दिलाई। सेक्टर-18 स्थित Aditya Birla Health Insurance के कार्यालय में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब संगठन के कार्यकर्ता पीड़ित परिवार के साथ न्याय की मांग को लेकर पहुंच गए।

कार्यालय में यूनियन के पहुंचते ही कई अधिकारी व कर्मचारी मौके से निकल गए। हालात बिगड़ते देख संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि तत्काल समाधान नहीं हुआ तो यहीं धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया जाएगा। बढ़ते दबाव के बाद अंततः कंपनी को पूरा मेडिकल क्लेम पास करना पड़ा।

2.70 लाख के बिल पर सिर्फ 1.15 लाख की मंजूरी

भाकियू लोकशक्ति के राष्ट्रीय महासचिव Chaudhary BC Pradhan ने बताया कि बरौला निवासी सुरेंद्र सिंह की पत्नी का इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा था। इलाज के बाद अस्पताल ने ₹2,70,000 का बिल बनाया, लेकिन बीमा कंपनी ने मात्र ₹1,15,000 ही स्वीकृत किए।

बाकी रकम जमा करने का दबाव अस्पताल की ओर से परिवार पर बनाया जा रहा था। परेशान परिजनों ने जब कंपनी के कार्यालय में संपर्क किया, तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला और शेष राशि के भुगतान से भी इंकार कर दिया गया।

धरने की चेतावनी से बदला रुख

इस पूरे मामले को लेकर भाकियू लोकशक्ति के कार्यकर्ता पीड़ित परिवार के साथ सीधे कंपनी कार्यालय पहुंचे। संगठन की ओर से साफ कहा गया कि यदि बकाया क्लेम तुरंत मंजूर नहीं किया गया तो वे वहीं धरना शुरू कर देंगे।

स्थिति को संभालने के लिए कंपनी के गार्ड अमन रंजन ने आगे आकर अधिकारियों से वार्ता कराई। लगातार बढ़ते दबाव के आगे कंपनी को झुकना पड़ा और आखिरकार पूरे बिल की राशि स्वीकृत कर दी गई। इसके बाद मरीज को सुरक्षित अस्पताल से छुट्टी मिल सकी।

“किसानों और गरीबों का शोषण बर्दाश्त नहीं”

चौधरी बीसी प्रधान ने कड़े शब्दों में कहा कि बीमा कंपनियां आम लोगों, खासकर किसानों और मजदूरों का शोषण कर रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में यदि किसी भी पीड़ित के साथ अन्याय हुआ तो संगठन सड़क से लेकर दफ्तर तक आंदोलन करेगा।

उन्होंने कहा कि भाकियू लोकशक्ति हमेशा पीड़ितों की आवाज बनकर खड़ी रहेगी और किसी भी हाल में गरीब परिवारों का हक नहीं छीना जाने दिया जाएगा।

बड़े वादे, पर हकीकत अलग: महेश तंवर

महानगर अध्यक्ष महेश तंवर ने कहा कि बीमा पॉलिसी बेचते समय एजेंट बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन जरूरत के समय कंपनियां जिम्मेदारी से पीछे हट जाती हैं। इससे मरीज और उनके परिजनों को आर्थिक व मानसिक रूप से भारी परेशानी झेलनी पड़ती है।

बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद

इस मौके पर राजपाल कसाना, डॉ. बबलू यादव, हरेंद्र बैसोया, मन्नू पंडित, महेश चौधरी, उपाध्यक्ष हरि अवाना, विजयपाल भाटी, अरुण गौतम, गोविंद अंबावता, योगेश बैसोया, दीपक कुमार, अंकुर कश्यप समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

निष्कर्ष:
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर बीमा कंपनियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, भाकियू लोकशक्ति की सक्रियता से यह भी स्पष्ट हुआ कि संगठित दबाव के सामने बड़ी कंपनियों को भी झुकना पड़ सकता है।।