बुधवार, 15 अप्रैल 2026

अम्बेडकरनगर : जिला पंचायत में भ्रष्टाचार के खिलाफ ठेकेदार का अनिश्चितकालीन धरना शुरू।।||Ambedkar Nagar: Contractor begins indefinite strike against corruption in the District Panchayat.||

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अम्बेडकरनगर : 
जिला पंचायत में भ्रष्टाचार के खिलाफ ठेकेदार का अनिश्चितकालीन धरना शुरू।।
।। ए के चतुर्वेदी।।
दो टूक : अम्बेडकरनगर जिला पंचायत अम्बेडकरनगर में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरुद्ध ठेकेदार राम अशीष मिश्रा ने मुख्य गेट के सामने पटरी पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। धरना सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा।राम अशीष मिश्रा ने प्रेस नोट जारी कर आरोप लगाया है कि अध्यक्ष की मर्जी के खिलाफ निविदा डालने पर उनके 50 हजार रुपये के जमानत चेक पर हस्ताक्षर तक नहीं किए गए। भुगतान केवल माननीय उच्च न्यायालय के आदेश और अवमानना याचिका के बाद हुआ।उन्होंने जलालपुर-मित्तुपुर रोड पर दो सड़कों के एमबी/बिल का भुगतान रोके जाने का भी आरोप लगाया। अवर अभियंता मृगेन्द्र द्वारा बिल तैयार करने के बावजूद अध्यक्ष ने भुगतान नहीं किया। आईजीआरएस शिकायत पर ‘प्रक्रिया में है’ का जवाब मिला, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। अंततः उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भुगतान किया गया। 25 मई 2025 के पत्र में तारकोल का पूरा विवरण दिया गया था।राम अशीष मिश्रा ने दावा किया कि अवमानना नोटिस मिलने के बाद अतुल वर्मा (सॉई कंस्ट्रक्शन के स्वामी श्रद्धा वर्मा के पति और अध्यक्ष के निकट सहयोगी) ने फोन कर कहा कि अध्यक्ष से हस्ताक्षर करवा देंगे, लेकिन हरिओम वर्मा को पैसा देना होगा। इसकी ऑडियो रिकॉर्डिंग उनके पास है।इसी तरह अभियंता अखिलेश ने दिनेश पाण्डेय के माध्यम से फोन कर धमकी दी कि इंजीनियर से मिल लीजिए, वरना नुकसान हो जाएगा। इसकी भी ऑडियो उपलब्ध है।तेजापुर-चंदापुर मार्ग पर तारकोल नहीं दिए जाने की शिकायत आईजीआरएस में की गई तो अपर मुख्य अधिकारी ने बताया कि फाइल अध्यक्ष के पास है। ग्रामसभा हिथूरी में किए गए कार्य की फाइल अध्यक्ष ने अपने पास रख ली, जिसके कारण अवर अभियंता सुनीता वर्मा बिल नहीं बना पा रही थीं।मिश्रा ने आरोप लगाया कि मजबूर होकर उन्होंने अतुल वर्मा, अभियंता और अपर मुख्य अधिकारी की मांग मान ली। हिथूरी मार्ग (लागत 16 लाख रुपये) पर 17.5 प्रतिशत यानी 2 लाख 80 हजार रुपये हरिओम वर्मा को डायरी डिस्पैच कमरे में दिए। पैसा मिलते ही उसी दिन तारकोल का इंडेंट बनाकर फाइल सुनीता वर्मा को दे दी गई। इसकी ऑडियो भी उनके पास है।तेजापुर-चंदापुर मार्ग पर पहले 20 प्रतिशत देने की बात हुई थी, लेकिन अतुल वर्मा ने फोन पर बताया कि अध्यक्ष 22 प्रतिशत मांग रहे हैं। यह ऑडियो भी उपलब्ध है।ठेकेदार ने बताया कि तेजापुर-चंदापुर मार्ग का कार्य अवर अभियंता श्री छोटेलाल की देखरेख में पूरा हुआ। कार्य के दौरान अभियंता और अपर मुख्य अधिकारी ने निरीक्षण भी किया। किसी ने कोई असंतोष नहीं जताया। 3 अप्रैल 2024 को भुगतान के लिए पत्र भी दिया गया। लेकिन चूंकि उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भुगतान हुआ और अध्यक्ष व विभागीय कमीशन नहीं दिया गया, इसलिए अभियंता ने कार्य में कमी दिखा दी।राम अशीष मिश्रा ने उच्च न्यायालय में भ्रष्टाचार का मामला उठाया तो अदालत ने कहा कि भ्रष्टाचार से संबंधित कार्यवाही एसपी और जिलाधिकारी से कराएं। उन्होंने एसपी और डीएम से प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने का अनुरोध किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बजाय उनकी गैर-मौजूदगी में सत्ता पक्ष के दबाव से उनके खिलाफ झूठी रिपोर्ट बना दी गई, जबकि सड़क आज भी जस की तस बनी हुई है।हरिओम वर्मा द्वारा ली गई 2 लाख 80 हजार रुपये की राशि वापस दिलाई जाए।  
छोटेलाल (तत्कालीन अवर अभियंता) की देखरेख में हुए 5 कार्यों की उनकी और ठेकेदार की मौजूदगी में मीडिया की उपस्थिति में जांच कराई जाए।  भ्रष्टाचार से जुड़े लोगों के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की जाए।जलालपुर-मित्तुपुर मार्ग पर तारकोल दिलाया जाए और अवर अभियंता को निर्देश दिया जाए कि वे अपनी देखरेख में कार्य कराएं।धरना स्थल पर ठेकेदार बंधु, जिला पंचायत सदस्यगण, जन प्रतिनिधि, सभी राजनीतिक दल, मीडिया और शुभचिंतकों से सहयोग की अपील की गई है।प्रेस नोट की प्रतिलिपि माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर, मंडलायुक्त अयोध्या मंडल और प्रमुख सचिव पंचायती राज को भेजी गई है।