गौतमबुद्धनगर में 9 अप्रैल को विनियमन समीक्षा समिति की अहम बैठक, लंबित मामलों और जनप्रतिनिधियों की शिकायतों पर होगा मंथन!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
गौतमबुद्धनगर, 05 अप्रैल 2026
दो टूक// उत्तर प्रदेश विधान परिषद की विनियमन समीक्षा समिति जनपद गौतमबुद्धनगर में 9 अप्रैल (सोमवार) को कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित करेगी। शाम 4 बजे से शुरू होने वाली इस बैठक में जिले के सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक की अध्यक्षता समिति के सभापति अश्विनी त्यागी करेंगे।
यह बैठक खासतौर पर विधान परिषद सदस्यों के पत्रों पर समय से कार्रवाई न होने, खंडपीठ के आदेशों के अनुपालन में देरी और विशेषाधिकार हनन जैसे गंभीर मामलों की समीक्षा के लिए बुलाई गई है। समिति ने पहले ही लखनऊ में आयोजित बैठक में एजेंडा तय कर लिया है और लंबित मामलों को जनपदवार चिन्हित कर संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध करा दिया गया है।
10 अहम बिंदुओं पर होगी गहन समीक्षा
बैठक में कुल 10 प्रमुख बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी, जिनमें सबसे अहम जनप्रतिनिधियों के पत्रों और विकास प्रस्तावों पर की गई कार्रवाई का आकलन शामिल है। इसके अलावा विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं के क्रियान्वयन, प्रोटोकॉल के पालन और सरकारी कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों को उचित सम्मान देने जैसे मुद्दे भी एजेंडे में शामिल हैं।
जनहित के लंबित मामलों पर रहेगा फोकस
समिति की प्राथमिकता लंबे समय से लंबित जनहित से जुड़े मामलों को तय समयसीमा में निस्तारित कराना है। इसके लिए सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने रिकॉर्ड और आवश्यक दस्तावेजों के साथ बैठक में उपस्थित हों।
इन मुद्दों पर भी होगी सख्त समीक्षा
बैठक में निम्न प्रमुख विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा:
- जनप्रतिनिधियों के पत्रों और प्रस्तावों पर कार्रवाई की स्थिति
- सरकारी कार्यक्रमों में प्रोटोकॉल और नाम अंकन का अनुपालन
- प्रोटोकॉल उल्लंघन के मामलों का विवरण
- विभागों में जनप्रतिनिधि पत्राचार रजिस्टर की व्यवस्था
- सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर खर्च
- अवैध और नकली शराब के खिलाफ चल रहे अभियान
- भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों और उन पर हुई कार्रवाई
- मानव सम्पदा पोर्टल पर अधिकारियों द्वारा संपत्ति विवरण का अपडेट
अधिकारियों को तैयारी के साथ आने के निर्देश
समिति ने स्पष्ट किया है कि सभी विभाग अपने-अपने रिकॉर्ड, रजिस्टर और संबंधित जानकारी के साथ बैठक में उपस्थित हों। विशेष रूप से उन मामलों की जानकारी भी प्रस्तुत करनी होगी, जिनमें भ्रष्टाचार की शिकायतें प्राप्त हुई हैं या जहां अधिकारियों ने अपनी संपत्ति का विवरण पोर्टल पर दर्ज नहीं किया है।
यह बैठक जिले की प्रशासनिक कार्यप्रणाली की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। माना जा रहा है कि इस समीक्षा के बाद कई लंबित मामलों में तेजी आएगी और अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सीधा असर पड़ेगा।।
