गौतमबुद्धनगर में जिम और स्विमिंग पूलों पर सख्ती: 8 केंद्रों का संचालन बंद, व्यापक जांच अभियान जारी!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक//गौतमबुद्धनगर, 21 अप्रैल 2026।
जनपद में संचालित जिम और स्विमिंग पूलों (तरणतालों) की सुरक्षा एवं मानकों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे विशेष जांच अभियान के तहत अब तक 30 जिम और तरणतालों का निरीक्षण किया जा चुका है, जिसमें 8 स्थानों पर गंभीर खामियां पाए जाने पर उनका संचालन अग्रिम आदेशों तक बंद करा दिया गया है।
तरणताल/जिम तकनीकी समिति के अध्यक्ष एवं डिप्टी कलेक्टर ने बताया कि यह अभियान जनपद में फिटनेस सेंटर और स्विमिंग पूलों को निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित कराने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान जिन 8 स्थानों पर आवश्यक सुरक्षा एवं सुविधाएं अधूरी मिलीं, उनके संचालकों को नोटिस जारी कर तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए हैं।
स्पष्ट किया गया है कि जब तक संबंधित संचालक नोटिस का संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं करते और सभी मानकों की पूर्ति का प्रमाण नहीं देते, तब तक इन संस्थानों को खोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
सुरक्षा मानकों पर विशेष जोर
प्रभारी जिला क्रीड़ा अधिकारी ने स्विमिंग पूलों के संचालन के लिए कई अनिवार्य सुरक्षा मानक तय किए हैं। इनमें फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र, सीसीटीवी कैमरे, प्रशिक्षित लाइफगार्ड की नियुक्ति, ऑक्सीजन सिलेंडर, स्ट्रेचर, वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट, पीएच लेवल की जांच रिपोर्ट, गहराई के स्पष्ट चिन्ह और नजदीकी अस्पताल व थाना की जानकारी प्रदर्शित करना अनिवार्य किया गया है।
साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि पूल में पानी भरे रहने के दौरान हर समय सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी सुनिश्चित की जाए।
जिम संचालन के लिए भी सख्त गाइडलाइन
जिम संचालकों के लिए भी प्रशासन ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिम में सीसीटीवी कैमरे, अग्निशमन प्रमाण पत्र, प्रशिक्षित ट्रेनर, अलग-अलग चेंजिंग रूम, ऑक्सीजन सिलेंडर, स्ट्रेचर, व्हीलचेयर और डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान अनिवार्य किए गए हैं।
इसके अलावा जिम में किसी भी प्रकार के सप्लीमेंट या प्रोटीन की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। किसी भी दुर्घटना की स्थिति में जिम संचालक को स्वयं जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
डिप्टी कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा और समय-समय पर औचक निरीक्षण किए जाएंगे। यदि किसी भी केंद्र पर मानकों में लापरवाही पाई गई, तो संबंधित संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संदेश साफ है—सुरक्षा से समझौता नहीं, नियमों का पालन अनिवार्य।
