शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026

गौतमबुद्धनगर: नोएडा में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को नई रफ्तार: 50 इलेक्ट्रिक सिटी बसें चलेंगी, जेवर एयरपोर्ट से ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक सीधा कनेक्शन!!

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गौतमबुद्धनगर: नोएडा में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को नई रफ्तार: 50 इलेक्ट्रिक सिटी बसें चलेंगी, जेवर एयरपोर्ट से ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक सीधा कनेक्शन!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक//नोएडा। शहर की यातायात व्यवस्था को मजबूत और आधुनिक बनाने की दिशा में नोएडा प्राधिकरण ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आम नागरिकों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए प्राधिकरण ने उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) के सहयोग से नोएडा में 50 इलेक्ट्रिक सिटी बसों के संचालन का फैसला लिया है। यह पहल न सिर्फ शहर के पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को नई पहचान देगी, बल्कि ट्रैफिक जाम और प्रदूषण की समस्या को कम करने में भी अहम भूमिका निभाएगी।

नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री कृष्णा करुणेश के निर्देश पर इस योजना को अंतिम रूप दिया गया है। इसके तहत इन बसों का संचालन चार प्रमुख रूटों पर किया जाएगा, जिससे शहर और आसपास के क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी काफी बेहतर हो जाएगी।

इन रूटों में सेक्टर-90 स्थित बस डिपो और बॉटेनिकल गार्डन को प्रमुख प्रारंभिक केंद्र बनाया गया है, जहां से बसें ग्रेटर नोएडा वेस्ट (गौड़ चौक), जेवर एयरपोर्ट, सेक्टर-62 और फेज-2 औद्योगिक क्षेत्र होते हुए सूरजपुर कलेक्ट्रेट तक जाएंगी। इस नेटवर्क के जरिए दैनिक यात्रियों, कामकाजी लोगों और छात्रों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत सेक्टर-90 में अत्याधुनिक बस डिपो विकसित किया जाएगा, जिसमें ई-चार्जिंग प्वाइंट, बस सर्विस स्टेशन और ड्राइवर-कंडक्टर के लिए वर्कशॉप जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यहां 20 चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे, जिनमें एक साथ 50 बसों को चार्ज करने की क्षमता होगी। इसके अलावा बॉटेनिकल गार्डन बस स्टैंड पर भी 4 ऑपर्च्युनिटी चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे, जहां 8 बसों को एक साथ चार्ज किया जा सकेगा।

बसों का संचालन UPSRTC द्वारा निर्धारित किराए पर किया जाएगा, जबकि इस योजना को आर्थिक रूप से व्यवहारिक बनाए रखने के लिए Viability Gap Funding (VGF) का खर्च नोएडा प्राधिकरण वहन करेगा।

परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना से नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच आवागमन पहले से अधिक सुगम, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल हो जाएगा। साथ ही, निजी वाहनों पर निर्भरता घटेगी, जिससे शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या में भी उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, यह पहल नोएडा को एक स्मार्ट और सस्टेनेबल शहर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जो आने वाले समय में शहरी परिवहन की तस्वीर बदल सकती है।।