मऊ :
जिला स्तरीय उद्योग बंधु की बैठक जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संपन्न।
दो टूक : मऊ जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र की अध्यक्षता में जिला स्तरीय उद्योग बंधु की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। बैठक के दौरान जनपद में निवेश प्रस्ताव हेतु इंटेंट तथा इसके धरातल पर लाने के संबंध में चर्चा के दौरान कुल 155 इंटेंट के एमओयू साइन हुए हैं। 61 प्रस्ताव जिनमें लगभग 998 करोड़ के निवेश प्रस्ताव धरातल पर आ चुके हैं एवं 49 प्रस्तावों का कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो चुका है। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, एक जनपद एक उत्पाद वित्त पोषण मार्जिन मनी योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक आवेदन कराते हुए ऋण वितरण करने के निर्देश दिए। कारखाना अधिनियम 1948 के तहत जनपद के औद्योगिक प्रतिष्ठानों के पंजीकरण के संबंध में चर्चा के दौरान जिलाधिकारी ने अधिक से अधिक पंजीकरण कराने के निर्देश उपयुक्त उद्योग को दिए। इसके अलावा बी 9 औद्योगिक क्षेत्र के ऊपर से बिजली विभाग का 33000 बोल्ट का पोल शिफ्ट न होने के संबंध में चर्चा के दौरान उद्यमियों द्वारा निर्धारित संख्या में पोल नहीं लगाने की शिकायत की गई। जिलाधिकारी ने इसकी जांच अधिशासी अभियंता विद्युत को करने के साथ ही निश्चित संख्या में पोल लगाने के निर्देश दिए। औद्योगिक क्षेत्र ताजोपुर मऊ के नालों की सफाई की चर्चा के दौरान यूपीसीडा द्वारा नालियों की सफाई की जाती है। जिसमें यूपीसीडा विभागों के अधिकारियों द्वारा ही कार्यों की जांच भी की जाती है। उद्यमियों द्वारा पिछले 6 माह के अंदर औद्योगिक क्षेत्र ताजोपुर में यूपीसीडा द्वारा कराए गए कार्यों का स्थलीय जांच कराने के साथ-साथ कार्यों की जांच के लिए अलग विभाग के अधिकारियों को नियुक्त करने की मांग की। जिलाधिकारी द्वारा बैठक में उद्यमियों द्वारा उठाए गए शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए इसका निस्तारण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी योजनाओं के अंतर्गत लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध तरीके से ऋण/अनुदान उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने बैंक अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न किया जाए और अधिक से अधिक युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने हेतु सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया जाए। साथ ही, उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु नियमित रूप से संवाद स्थापित करने पर बल दिया गया।जिलाधिकारी ने औद्योगिक क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं—जैसे विद्युत, सड़क, पानी आदि—की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए तथा नए निवेश को आकर्षित करने के लिए जनपद में अनुकूल वातावरण तैयार करने पर जोर दिया।
बैठक के दौरान उपयुक्त उद्योग सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं उद्यमी उपस्थित रहे।
