गौतमबुद्धनगर: यमुना एक्सप्रेसवे पर अब नो-स्टॉपिंग सख्ती: 4 होल्डिंग जोन तय, सड़क किनारे वाहन खड़ा किया तो होगा भारी जुर्माना!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक//गौतमबुद्धनगर, 27 अप्रैल 2026।
सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। परिवहन विभाग ने यमुना एक्सप्रेसवे पर अनियंत्रित ढंग से खड़े होने वाले वाहनों पर लगाम कसने के लिए चार विशेष होल्डिंग/पार्किंग जोन चिन्हित किए हैं। अब एक्सप्रेसवे या अन्य प्रमुख मार्गों के किनारे वाहन खड़ा करना न सिर्फ खतरनाक बल्कि दंडनीय अपराध भी माना जाएगा।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) डॉ. उदित नारायण पांडेय ने जानकारी देते हुए बताया कि शासन के निर्देशों के तहत यह पहल की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य सड़क हादसों को रोकना और यातायात को सुचारु बनाना है। अक्सर देखा जाता है कि मालवाहन, बसें और ट्रैक्टर-ट्रॉली जैसे भारी वाहन एक्सप्रेसवे के किनारे खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे गंभीर दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
इसी समस्या के स्थायी समाधान के लिए परिवहन विभाग ने यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सहयोग से चार प्रमुख स्थानों पर होल्डिंग जोन विकसित किए हैं, जहां वाहन सुरक्षित तरीके से खड़े किए जा सकेंगे।
ये हैं चिन्हित होल्डिंग जोन
- छपरगढ़ – कि.मी. 16+000 (RHS), आगरा से नोएडा की ओर
- सबोता – कि.मी. 35+000 (LHS), नोएडा से आगरा की ओर
- जेवर – कि.मी. 38+250 (RHS), आगरा से नोएडा की ओर
- अलावलपुर – कि.मी. 39+250 (LHS), नोएडा से आगरा की ओर
इन स्थानों का चयन इस तरह किया गया है कि चालक बिना जोखिम के अपने वाहन निर्धारित जगह पर खड़े कर सकें और मुख्य मार्ग पर किसी भी प्रकार का अवरोध न हो।
नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग या अन्य प्रमुख सड़कों के किनारे वाहन खड़ा करना मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत दंडनीय अपराध है। उल्लंघन करने पर संबंधित वाहन चालक या मालिक के खिलाफ धारा 122, 177 सहित अन्य प्रावधानों में चालान या वाहन निरुद्ध करने की कार्रवाई की जाएगी।
चालकों से अपील
प्रशासन ने सभी वाहन चालकों और स्वामियों से अपील की है कि वे केवल चिन्हित होल्डिंग जोन का ही उपयोग करें और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है और इसका उद्देश्य आम जन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
सड़क सुरक्षा को लेकर यह कदम न सिर्फ हादसों को कम करेगा, बल्कि एक्सप्रेसवे पर यातायात को भी अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाएगा।।
