गौतमबुद्धनगर: फर्जी रजिस्ट्री गैंग का भंडाफोड़: 3.03 करोड़ की ठगी करने वाले 3 शातिर गिरफ्तार, स्कॉर्पियो समेत कई सबूत बरामद!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक//गौतमबुद्धनगर। कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए फर्जी रजिस्ट्री के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना जारचा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के तीन शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो लोगों को जमीन की फर्जी रजिस्ट्री के झांसे में लेकर करीब 3 करोड़ 3 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दे चुके थे।
ऐसे हुआ खुलासा
पुलिस के अनुसार, 24 अप्रैल 2026 को मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर थाना जारचा पुलिस टीम ने समाना नहर के पास घेराबंदी कर तीनों अभियुक्तों को धर दबोचा। पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह सुनियोजित तरीके से लोगों को सस्ती जमीन का लालच देकर फर्जी दस्तावेजों के जरिए रजिस्ट्री कराता था और बाद में रकम हड़प लेता था।
गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने जिन तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान इस प्रकार है—
- प्रदीप राणा (53 वर्ष), निवासी सहारा होम्स, लालकुआं, गाजियाबाद
- खुशबू देवी (45 वर्ष), निवासी करमतोला, आरा, भोजपुर (बिहार)
- ज्योत्सना (42 वर्ष), निवासी श्रीटोला, आरा (बिहार), वर्तमान पता प्रताप विहार, गाजियाबाद
बरामदगी
गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से पुलिस ने ठगी में प्रयुक्त कई अहम साक्ष्य बरामद किए हैं, जिनमें—
- 04 मोबाइल फोन
- 04 एटीएम कार्ड
- 01 स्कॉर्पियो कार (HR51CL3223)
दर्ज मुकदमे
इस मामले में थाना जारचा में अलग-अलग पीड़ितों की शिकायत पर कुल 5 मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिनमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराएं लागू की गई हैं। पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
सुनियोजित था ठगी का तरीका
प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी पहले जमीन के फर्जी कागजात तैयार करते थे, फिर ग्राहकों को भरोसे में लेकर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कराते थे। दस्तावेज इतने पेशेवर तरीके से तैयार किए जाते थे कि आम व्यक्ति आसानी से धोखा खा जाता था।
आगे की कार्रवाई
पुलिस अब इस गिरोह के अन्य संभावित साथियों, फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले नेटवर्क और ठगी की कुल रकम का पूरा आंकड़ा जुटाने में लगी है। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इस गैंग का संबंध अन्य जिलों या राज्यों से तो नहीं है।
पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की इस कार्रवाई को बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे जमीन से जुड़ी धोखाधड़ी के मामलों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।।
