शनिवार, 18 अप्रैल 2026

गौतमबुद्धनगर: नोएडा हिंसा केस: 299 श्रमिकों को राहत, 1050 गिरफ्तारियों के बीच मुख्य आरोपियों पर शिकंजा तेज!!

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गौतमबुद्धनगर: नोएडा हिंसा केस: 299 श्रमिकों को राहत, 1050 गिरफ्तारियों के बीच मुख्य आरोपियों पर शिकंजा तेज!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक// नोएडा में श्रमिकों के प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा के मामले में प्रशासन ने संतुलित रणनीति अपनाते हुए एक ओर राहत दी है तो दूसरी ओर सख्ती भी बरकरार रखी है। शुक्रवार तक शांतिभंग की धाराओं में बंद 299 श्रमिकों को रिहा कर दिया गया, जबकि हिंसा में कथित तौर पर शामिल मुख्य आरोपियों पर कार्रवाई लगातार तेज की जा रही है।

प्रशासन के इस कदम को हालात सामान्य करने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जिन लोगों की भूमिका मामूली रही या जो केवल एहतियातन कार्रवाई के तहत हिरासत में लिए गए थे, उन्हें चरणबद्ध तरीके से छोड़ा जा रहा है।

1050 गिरफ्तार, 62 पर सबसे ज्यादा सख्ती

हिंसक प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़, आगजनी और हाईवे जाम जैसी घटनाओं के बाद पुलिस ने बड़े स्तर पर कार्रवाई करते हुए करीब 1050 लोगों को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया है कि इनमें से 62 लोगों की भूमिका सबसे ज्यादा संदिग्ध और गंभीर रही है। पुलिस इन्हें हिंसा भड़काने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मुख्य आरोपी मान रही है।

इन आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए हैं और उनकी गिरफ्तारी व आगे की कानूनी कार्रवाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

धारा 151 में बंद लोगों को मिली राहत

जेल प्रशासन के मुताबिक, जिन लोगों को धारा 151 (शांतिभंग की आशंका) के तहत बंद किया गया था, उन्हें अब धीरे-धीरे रिहा किया जा रहा है। शुक्रवार शाम तक 299 लोगों की रिहाई पूरी हो चुकी थी और बाकी मामलों की समीक्षा जारी है।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि राहत केवल उन्हीं लोगों को दी जा रही है, जिन पर कोई गंभीर आपराधिक आरोप नहीं हैं।

एटीएस और एसटीएफ की एंट्री से जांच तेज

मामले में बाहरी कनेक्शन की आशंका सामने आने के बाद जांच को और गहराई से आगे बढ़ाया जा रहा है। एटीएस ने भी इस केस में अपनी जांच शुरू कर दी है, जबकि एसटीएफ पहले से ही सक्रिय भूमिका में है। दोनों एजेंसियां घटनाक्रम के हर पहलू की पड़ताल कर रही हैं, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही या साजिश की गुंजाइश न रहे।

राहत भी, सख्ती भी—प्रशासन का दोहरा संदेश

नोएडा प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। एक ओर जहां निर्दोष या कम भूमिका वाले लोगों को राहत देकर माहौल शांत करने की कोशिश की जा रही है, वहीं दूसरी ओर हिंसा में शामिल मुख्य चेहरों पर कड़ी कार्रवाई जारी है।

प्रशासन की इस रणनीति को ‘राहत और सख्ती’ के संतुलन के रूप में देखा जा रहा है, जिससे न सिर्फ हालात सामान्य करने में मदद मिल रही है, बल्कि भविष्य के लिए भी सख्त संदेश दिया जा रहा है।।