गौतमबुद्धनगर: सख्त प्रवर्तन और जनजागरूकता का असर: गौतमबुद्धनगर में सड़क हादसों में 23% कमी, मौतों में भी गिरावट!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक// गौतमबुद्धनगर, 22 अप्रैल 2026।
जनपद में सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई अब ज़मीन पर असर दिखाने लगी है। वर्ष 2026 की पहली तिमाही के आंकड़े इस बात के गवाह हैं कि सख्त प्रवर्तन, ब्लैक स्पॉट्स के सुधार और जनजागरूकता अभियानों ने सड़क हादसों और जनहानि में उल्लेखनीय कमी दर्ज कराई है।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) डॉ. उदित नारायण पाण्डेय ने बताया कि जनवरी से मार्च 2026 के बीच सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में करीब 23 प्रतिशत की गिरावट आई है। जहां वर्ष 2025 की इसी अवधि में 300 सड़क हादसे दर्ज किए गए थे, वहीं 2026 में यह संख्या घटकर 231 रह गई। यह कमी दर्शाती है कि विभागीय प्रयास अब प्रभावी रूप से परिणाम दे रहे हैं।
सिर्फ दुर्घटनाओं में ही नहीं, बल्कि मौतों के आंकड़ों में भी राहत देखने को मिली है। वर्ष 2025 की पहली तिमाही में 121 लोगों की जान गई थी, जबकि 2026 में यह आंकड़ा घटकर 105 पर आ गया। यानी 16 लोगों की जान बचाने में सफलता मिली है, जो करीब 13.2 प्रतिशत की कमी को दर्शाता है।
घायलों की संख्या में भी गिरावट दर्ज की गई है। पिछले वर्ष जहां 219 लोग घायल हुए थे, वहीं इस वर्ष यह संख्या घटकर 181 रह गई है। यह लगभग 17.3 प्रतिशत की कमी है, जो सड़क सुरक्षा के प्रति प्रशासनिक सख्ती और जनसहभागिता दोनों की सफलता को दर्शाती है।
एआरटीओ (प्रवर्तन) डॉ. पाण्डेय के अनुसार, यह सुधार विभाग द्वारा चलाए जा रहे सतत प्रवर्तन अभियानों, चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स के सुधार और व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रमों का संयुक्त परिणाम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग का लक्ष्य सड़क दुर्घटनाओं को न्यूनतम स्तर तक लाना और जनहानि को रोकना है।
उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे यातायात नियमों का पालन करें, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चारपहिया में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें। साथ ही निर्धारित गति सीमा का पालन करते हुए वाहन चलाएं, ताकि अपनी और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
आगे की रणनीति पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग अब आधुनिक तकनीकों का सहारा लेकर यातायात प्रबंधन को और मजबूत करेगा। कैमरा आधारित निगरानी प्रणाली और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग से नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और सड़कों को और अधिक सुरक्षित बनाया जाएगा।
प्रशासन की इस पहल से यह स्पष्ट है कि यदि सख्ती और जागरूकता साथ-साथ चलें, तो सड़क हादसों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। जनपद में मिली यह सफलता अन्य जिलों के लिए भी एक उदाहरण बन सकती है।
