गौतमबुद्धनगर: समावेशी सोच का सशक्त मंच: ‘इंक्लूसिव होराइजन देहरादून समिट 2026’ में डॉ. त्रिभुवन सिंह को ‘नेशनल आइकॉन ऑफ रिहैबिलिटेशन’ सम्मान!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक// नोएडा/देहरादून।
समावेशिता, जागरूकता और सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर आयोजित ‘इंक्लूसिव होराइजन देहरादून समिट 2026’ ने सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक प्रभावशाली पहल प्रस्तुत की। सेक्टर-70 स्थित फर्स्ट रिहैब फाउंडेशन, नोएडा द्वारा एसबीएन एकेडमी इंटर कॉलेज, देहरादून में आयोजित इस भव्य समिट में पुनर्वास क्षेत्र के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. त्रिभुवन सिंह को उनके 27 वर्षों के समर्पित और निरंतर सेवा कार्य के लिए प्रतिष्ठित ‘नेशनल आइकॉन ऑफ रिहैबिलिटेशन’ सम्मान से अलंकृत किया गया।
सम्मान की घोषणा होते ही पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। यह क्षण न केवल डॉ. सिंह के लिए, बल्कि पूरी टीम और पुनर्वास क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए गर्व का प्रतीक बन गया।
यह समिट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘स्वदेशी भारत’ की भावना से प्रेरित होकर फर्स्ट वन रिहैब फाउंडेशन, नोएडा और विन्सम स्टेप्स, देहरादून के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई, जिसमें उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से बड़ी संख्या में पुनर्वास विशेषज्ञ, स्पेशल एजुकेटर्स और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।
तीन प्रमुख आयामों में सजी समिट
1. शोकेस गैलरी: ‘कौशल से आत्मनिर्भरता’ का सशक्त उदाहरण
समिट के पहले चरण में विशेष आवश्यकता वाले युवाओं द्वारा व्यावसायिक प्रशिक्षण के तहत तैयार किए गए उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई। हैंड वॉश, साबुन, चॉकलेट, दीये और विभिन्न सजावटी वस्तुएं न केवल प्रदर्शित की गईं, बल्कि प्रतिभागियों ने स्वयं इन्हें बेचकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की। यह पहल ‘स्किल डेवलपमेंट’ और ‘सेल्फ-रिलायंस’ की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम साबित हुई।
2. पैरेंट ट्रेनिंग प्रोग्राम: अभिभावकों को मिला व्यवहारिक मार्गदर्शन
दूसरे सत्र में दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें होम प्रोग्राम, दैनिक देखभाल और थेरेपी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गईं। विशेषज्ञों ने अभिभावकों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें घर पर बच्चों के विकास के लिए निरंतर अभ्यास की दिशा में प्रेरित किया।
3. ‘एक सम्मान माँ के नाम’: भावनाओं से भरा विशेष क्षण
समिट का सबसे मार्मिक और प्रेरणादायक भाग रहा ‘एक सम्मान माँ के नाम’ सत्र। इसमें दिव्यांग बच्चों की माताओं को उनके निःस्वार्थ समर्पण, अथक परिश्रम और अटूट धैर्य के लिए मंच पर सम्मानित किया गया। यह सत्र हर किसी की आंखों को नम कर गया और मातृत्व की शक्ति को सलाम करने का एक यादगार अवसर बना।
समाज में बदलाव की मजबूत पहल
समिट ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि जब जागरूकता, समावेशिता और सशक्तिकरण एक मंच पर एकत्र होते हैं, तो समाज में वास्तविक और स्थायी परिवर्तन संभव है। ‘इंक्लूसिव होराइजन देहरादून समिट 2026’ न केवल एक आयोजन रहा, बल्कि यह एक आंदोलन के रूप में उभरा, जिसने दिव्यांगजनों के अधिकार, सम्मान और आत्मनिर्भरता को नई दिशा देने का कार्य किया।
इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि सही मार्गदर्शन, अवसर और सहयोग मिलने पर विशेष आवश्यकता वाले व्यक्ति भी समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक अपनी पहचान बना सकते हैं।।
