गौतमबुद्धनगर: नोएडा में निषाद पार्टी का शक्ति प्रदर्शन: सेक्टर-21 स्टेडियम में भरी महारैली, 2027 से पहले पश्चिम यूपी की सियासत गरमाई!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक// नोएडा।
नोएडा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा संदेश देते हुए निषाद पार्टी ने नोएडा के सेक्टर-21 इंडोर स्टेडियम में विशाल “एकता महासम्मेलन” आयोजित कर अपनी ताकत का जोरदार प्रदर्शन किया। भारी भीड़ और विभिन्न वर्गों की भागीदारी के साथ यह महारैली 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल को और तेज करने वाली साबित हुई।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों की मौजूदगी ने साफ संकेत दिया कि पार्टी अब पूर्वांचल से निकलकर पश्चिम यूपी में भी अपनी मजबूत पकड़ बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। खासतौर पर कश्यप, गुर्जर, निषाद और अन्य पिछड़ा वर्ग की भागीदारी ने इस आयोजन को राजनीतिक रूप से और अहम बना दिया।
“अब नहीं रहेंगे किसी के वोट बैंक” – डॉ. संजय निषाद
महारैली को संबोधित करते हुए निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार में मत्स्य विभाग के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने स्पष्ट कहा कि निषाद-कश्यप समाज अब किसी भी दल का “पॉकेट वोट बैंक” नहीं रहेगा। उन्होंने कहा, “हम अपनी ताकत से आगे बढ़ने वाले लोग हैं, अब किसी की जेब में रहने वाले नहीं हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि यह कार्यक्रम उन लोगों के लिए जवाब है, जो पार्टी को केवल पूर्वांचल तक सीमित मानते थे। “आज दिल्ली-एनसीआर के पास इतनी बड़ी संख्या में लोगों का जुटना हमारे बढ़ते प्रभाव का प्रमाण है,” उन्होंने कहा।
पश्चिम यूपी में मजबूत होती पकड़
इस महासम्मेलन को पश्चिम यूपी में निषाद पार्टी की बढ़ती सक्रियता और राजनीतिक विस्तार के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी यहां सामाजिक समीकरणों को साधने और नए गठजोड़ बनाने में जुटी हुई है। गुर्जर समाज की सक्रिय भागीदारी को भी इसी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
सरकारी योजनाओं और उपलब्धियों का उल्लेख
डॉ. निषाद ने अपने संबोधन में मत्स्य विभाग की योजनाओं और उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले चार वर्षों में विभाग ने नई पहचान बनाई है। उन्होंने बताया कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से एक लाख से अधिक लोगों को लाभ दिया जा चुका है और युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
आरक्षण और सामाजिक मुद्दों पर जोर
महारैली में मझवार और तुरैहा समाज के आरक्षण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा न तो भुलाया गया है और न ही भुलाने दिया जाएगा।
गुर्जर समाज के लिए उठाई गईं मांगें
कार्यक्रम के दौरान गुर्जर समाज से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से रखा गया। इनमें दादरी स्थित सम्राट मिहिर भोज कॉलेज को विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने, स्वतंत्रता सेनानियों को भारत रत्न देने और महर्षि कश्यप की भव्य प्रतिमा स्थापित करने की मांग शामिल रही।
2027 चुनाव का स्पष्ट संकेत
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह महारैली 2027 विधानसभा चुनाव से पहले निषाद पार्टी की रणनीति और ताकत का स्पष्ट संकेत है। पार्टी इस आयोजन के जरिए न केवल अपने संगठन को मजबूत करने में सफल रही, बल्कि विरोधियों को भी अपनी मौजूदगी का अहसास करा दिया।
कुल मिलाकर, नोएडा में हुआ यह “एकता महासम्मेलन” पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में आने वाले समय के बड़े बदलावों की आहट दे गया है।।
