फरीदाबाद–गौतमबुद्धनगर सीमा विवाद: किसानों के हित में बड़ा फैसला, 15 दिन में आएगी संयुक्त सर्वे रिपोर्ट!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
गौतमबुद्धनगर, 07 अप्रैल 2026
दो टूक//फरीदाबाद–गौतमबुद्धनगर सीमा से जुड़े गांवों में लंबे समय से चल रहे भूमि विवाद को सुलझाने की दिशा में प्रशासन ने अहम कदम उठाया है। जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर मेधा रूपम और एडीएम फरीदाबाद अंजलि श्रोत्रिय की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में भूमि नामांतरण और सीमांकन से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में दोनों जिलों की राजस्व टीम, लेखपाल, कानूनगो और संबंधित अधिकारी दस्तावेजों के साथ उपस्थित रहे। साथ ही भारतीय रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों की मौजूदगी ने इस मामले को और महत्वपूर्ण बना दिया, क्योंकि विवादित भूमि का एक हिस्सा रक्षा क्षेत्र से भी जुड़ा बताया जा रहा है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले में किसानों का हित सर्वोपरि रखा जाएगा। इसी के मद्देनजर निर्णय लिया गया कि गौतमबुद्धनगर और फरीदाबाद के राजस्व अधिकारियों की एक संयुक्त टीम गठित की जाएगी, जो आधुनिक तकनीक के माध्यम से भूमि का सटीक सर्वे और सीमांकन करेगी। यह सर्वे टॉपोग्राफी और टीएसएम विधि के जरिए किया जाएगा, जिससे जमीन की वास्तविक स्थिति का स्पष्ट आकलन हो सके।
बैठक में यह भी तय हुआ कि रक्षा संपदा अधिकारी, नई दिल्ली से तकनीकी सहयोग लिया जाएगा और विशेषज्ञ सर्वेयर टीम को भी शामिल किया जाएगा। संयुक्त टीम को निर्देश दिए गए हैं कि वे 15 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रशासन को सौंपें, ताकि आगे की कार्रवाई तेजी से सुनिश्चित की जा सके।
इस दौरान ग्रुप कैप्टन निशांत शर्मा (स्टेशन कमांडेंट, तिलपत), बच्चू सिंह (अपर जिलाधिकारी, भू-अधिग्रहण, गौतमबुद्धनगर), प्रियंका (अपर जिलाधिकारी, न्यायिक), चारूल यादव (सहायक अभिलेख अधिकारी), विकास सिंह (डीआरओ, फरीदाबाद), सुमेर सिंह (तहसीलदार, फरीदाबाद) और राजेश (सदर कानूनगो) समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, इस संयुक्त पहल से वर्षों पुराने सीमा विवाद के समाधान की उम्मीद जगी है। यदि तय समयसीमा में रिपोर्ट आ जाती है, तो जमीन की स्पष्ट पहचान के साथ ही किसानों को राहत मिल सकती है और भविष्य में ऐसे विवादों पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।।
