मऊ :
घोषी चीनी मिल के आधुनिकरण का मामला सांसद राजीव राय ने भी उठाया।
दो टूक : मऊ जनपद के घोसी सांसद राजीव राय ने घोसी चीनी मिल को पुन चालू करने तथा उसके आधुनिकीकरण करके नए संयंत्र स्थापित करने हेतु मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है। जिसमें घोसी सांसद राजीव राय ने कहा है कि मेरे 70 लोकसभा क्षेत्र घोसी के अंतर्गत वर्ष 1982 में स्थापित घोसी चीनी मिल, जनपद मऊ का एकमात्र रोजगारपरक तथा गन्ना किसानों के आजीविका का सुलभ साधन है। किंतु विगत 10 वर्षों से घोसी चीनी मिल के संचालन, उसमें लगे संयंत्रों के रख-रखाव, तथा विभागीय उपेक्षा, एवं घोसी चीनी मिल में व्याप्त व्यापक भ्रष्टाचार के चलते इस वर्ष अपने तय समय तक भी नहीं चल सका है, जिसका दुष्परिणाम यह हुआ कि घोसी में चीनी मिल होने के बावजूद गन्ना किसानों को अपने गन्ने को पड़ोस के जनपद आजमगढ़ के सठियांव स्थित चीनी मिल में भेजने हेतु बाध्य होना पड़ रहा है।
सांसद राजीव राय ने आगे कहा, आपके संज्ञान में यह भी लाना है कि पिछले 10 वर्षों में जनपद मऊ में सरकार की तरफ से उद्योग तथा रोजगार की दृष्टि से एक भी कारखानों, अथवा उद्योगों की स्थापना नहीं हुई, जिससे यहां के स्थानिकों को रोजगार मिल सके। ऐसे में घोसी चीनी मिल के रूप में स्थापित एकमात्र रोजगारपरक उद्योग को बंद करने से उसमें कार्य करने वालों के जीविकोपार्जन पर अत्यंत प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, तथा भविष्य में भी रोजगार की एकमात्र उम्मीद भी खत्म हो जाएगी।
अतः आपसे विनम्रतापूर्वक अनुरोध है कि-
1. घोसी चीनी मिल के रख-रखाव, कल-पुर्जों एवं संयंत्रों के मरम्मत हेतु पिछले 10 वर्षों में सरकार द्वारा आवंटित धनराशि के व्यय की विस्तृत जांच कराई जाए एवं भ्रष्टाचार में लिप्त दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाए।
2. वर्तमान सत्र के शेष समय में भी घोसी चीनी मिल को नाप-तौल के साथ-साथ पेराई हेतु भी संचालित कराया जाए।
3. घोसी चीनी मिल में स्थाई एक्सपर्ट टेक्नीशियन की नियुक्ति की जाए।
4. घोसी चीनी मिल के नवीन जीर्णोद्धार हेतु विशेष पैकेज के तहत अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराई जाए।
5. घोसी चीनी मिल का आधुनिकीकरण एवं नवीनीकरण किया जाए।
घोसी सांसद ने मुख्यमंत्री को पत्र के माध्यम से बताया कि पिछले 10 वर्षों में जनपद मऊ में नए रोजगार का कोई साधन नहीं बना, ऐसे में जनपद मऊ की एकमात्र जीवंत उम्मीद घोसी चीनी मिल का बीच सत्र में पेराई बंद करना, जनपद मऊ के किसानों और युवाओं के साथ छल है।
अतः व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए उपर्युक्त मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार कर ठोस कार्यवाही किया जाए, जिससे घोसी चीनी मिल स्थाई रूप से चलता रहे।
