गोण्डा- अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभागार में आपदा जोखिम न्यूनीकरण के संबंध में जनपद स्तर, तहसील स्तर, ब्लाक स्तर के अधिकारी एवं कर्मचारियों के साथ एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य जनपद स्तर, तहसील स्तर एवं ब्लॉक स्तर के विभिन्न स्टेकहोल्डर्स को आपदाओं से पूर्व तैयारी जोखिमों की पहचान तथा प्रभावी प्रबंधन के संबंध में प्रशिक्षित करना रहा, ताकि आपदा की स्थिति में जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सके। कार्यक्रम में राजस्य, स्वास्थ्य पुलिस, अग्निशमन, शिक्षा, सिंचाई, विद्युत, पंचायती राज के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, महाविद्यालय के शिक्षको तथा स्वयंसेवी संस्था (CIA, नेहरू युवा मोर्चा, आपदा मित्र) की सक्रिय भागीदारी रही। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बाढ़, लू,आंधी-तूफान, आकाशीय बिजली, सर्पदंश एवं अग्निकांड जैसी संभावित आपदाओं से बचाव एवं राहत कार्यों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण में आपदा विशेषज्ञ स्वास्थ विभाग के चिकित्सक द्वारा आपदा पूर्व चेतावनी प्रणाली, त्वरित प्रतिक्रिया राहत एवं पुनर्वास तथा सामुदायिक सहभागिता के महत्व पर विशेष प्रकाश डाला गया। साथ ही अग्निकाण्ड से बचाव हेतु फायर इस्टिन्गुसर के उपयोग के सम्बन्ध में व्यवहारिक अभ्यास के माध्यम से प्रतिभागियों को आपातकालीन परिस्थितियों में कार्य करने हेतु तैयार किया गया। अंत में सभी प्रतिभागियों से अपील की गई कि वे अपने-अपने क्षेत्र में आमजन को जागरूक करें तथा “आपदा के समय घबराएं नहीं, सतर्क रहें, सुरक्षित रहें” का संदेश जन-जन तक पहुंचाएं।
