रविवार, 15 मार्च 2026

खेल से निखर रहा बच्चों का भविष्य: ‘सनफीस्ट बाउंस ऑफ जॉय’ कार्यक्रम के एक वर्ष पूरे, फाइनल फुटबॉल मुकाबले में विजेता टीम को ट्रॉफी!!

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खेल से निखर रहा बच्चों का भविष्य: ‘सनफीस्ट बाउंस ऑफ जॉय’ कार्यक्रम के एक वर्ष पूरे, फाइनल फुटबॉल मुकाबले में विजेता टीम को ट्रॉफी!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

नोएडा/ दिल्ली
दो टूक:: बच्चों में खेल भावना, आत्मविश्वास और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाए जा रहे सनफीस्ट ‘बाउंस ऑफ जॉय’ कार्यक्रम ने अपने सफल संचालन के एक वर्ष पूरे होने पर उत्सव मनाया। इस अवसर पर फाइनल फुटबॉल मैच का रोमांचक आयोजन किया गया, जिसमें विजेता टीम को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को आउटडोर खेलों के प्रति प्रोत्साहित करना तथा स्कूलों और समुदायों में खेल गतिविधियों की भागीदारी को बढ़ाना है, ताकि बच्चों में शारीरिक फिटनेस, जीवन कौशल, पोषण के प्रति जागरूकता और लैंगिक समानता को बढ़ावा मिल सके।

समापन समारोह दिल्ली के मयूर विहार स्थित सेंट मैरी स्कूल में आयोजित किया गया, जिसमें सरकार, खेल जगत और सामाजिक संगठनों से जुड़े कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी ज्योति चौहान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उनके साथ उत्तर प्रदेश फुटबॉल टीम के कप्तान अभिषेक रावत, आईटीसी की प्रतिनिधि नुपुर अग्रवाल और अभिषेक बनर्जी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

इस मौके पर अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी ज्योति चौहान ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खेलों के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और स्वस्थ जीवनशैली का विकास होता है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विशेष रूप से उन बच्चों तक खेल के अवसर पहुंचाने में मददगार साबित हो रहे हैं, जिन्हें सामान्य परिस्थितियों में यह सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पातीं। उन्होंने लड़कियों को भी खेलों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि खेलों में बेटियों की भागीदारी समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए बेहद आवश्यक है।

कार्यक्रम से जुड़े आयोजकों ने बताया कि पिछले एक वर्ष के दौरान इस पहल के माध्यम से लगभग 250 स्कूलों के एक लाख से अधिक छात्रों तक खेल गतिविधियों को पहुंचाया गया। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर और सहारनपुर, बिहार के मुजफ्फरपुर और मुंगेर तथा झारखंड के रांची जिले के समुदायों में भी करीब एक लाख बच्चों को इस पहल का लाभ मिला है।

इस अभियान के अंतर्गत विभिन्न स्कूलों को खेल सामग्री उपलब्ध कराई गई, प्रशिक्षित कोचों द्वारा नियमित खेल सत्र आयोजित किए गए तथा शारीरिक शिक्षा के शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया, ताकि बच्चों को बेहतर खेल प्रशिक्षण मिल सके।

समापन समारोह के दौरान स्कूल के प्राचार्य, शिक्षक, छात्र-छात्राएं और समुदाय के कई वरिष्ठ सदस्य भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में प्रतिभागी छात्रों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस पहल से उनके स्कूलों और समुदायों में खेलों के प्रति सकारात्मक माहौल बना है और बच्चों में आत्मविश्वास तथा टीमवर्क की भावना भी मजबूत हुई है।।