खाकी पर दाग: मेरठ में महिला सिपाही से दुष्कर्म के प्रयास का आरोप, नोएडा के हेड कांस्टेबल पर केस दर्ज !!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
मेरठ/नोएडा:
दो टूक//उत्तर प्रदेश के मेरठ से खाकी को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें नोएडा में तैनात एक हेड कांस्टेबल पर अपनी ही पूर्व महिला सहकर्मी के साथ दुष्कर्म के प्रयास, मारपीट और उत्पीड़न के आरोप लगे हैं। पीड़ित महिला सिपाही वर्तमान में मेरठ में तैनात है और उसने पूरे घटनाक्रम की शिकायत दर्ज कराते हुए न्याय की मांग की है।
पीड़िता के अनुसार, उसकी मुलाकात आरोपी हेड कांस्टेबल चंद्रकांत से उस समय हुई थी जब दोनों नोएडा के सेक्टर-20 थाने में एक साथ तैनात थे। इसी दौरान दोनों के बीच परिचय बढ़ा और पैसों का लेन-देन भी हुआ। महिला सिपाही का आरोप है कि इसी बीच आरोपी की नीयत खराब हो गई और वह लगातार उस पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाने लगा। इस संबंध में उसने पहले भी थाना प्रभारी से शिकायत की थी।
महिला सिपाही का कहना है कि मेरठ ट्रांसफर होने के बाद भी आरोपी उसका पीछा करता रहा और फोन पर दबाव बनाता रहा। आरोप है कि ईद के दिन, जब वह ड्यूटी पर तैनात थी, तब आरोपी मेरठ पहुंचा और उसे जबरन अपने साथ चलने के लिए मजबूर करने लगा। विरोध करने पर आरोपी ने उसका मोबाइल फोन छीनकर तोड़ दिया।
पीड़िता के मुताबिक, आरोपी ने उसे मोबाइल वापस देने के बहाने कंकरखेड़ा क्षेत्र में बुलाया, जहां एरा गेट के पास कार में खींचकर दुष्कर्म का प्रयास किया। महिला सिपाही ने साहस दिखाते हुए शोर मचाया, जिसके बाद वह किसी तरह आरोपी के चंगुल से बच निकली। आरोप है कि इस दौरान आरोपी ने उसकी स्कूटी की चाबी भी छीन ली।
मामले में पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर आरोपी हेड कांस्टेबल के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। हालांकि, प्रारंभिक जांच में पुलिस ने घटना को पैसों के लेन-देन से जुड़ा बताया है और अपहरण (किडनैपिंग) की पुष्टि नहीं होने की बात कही है।
बताया जा रहा है कि महिला सिपाही ने आरोपी से करीब 40 हजार रुपये उधार लिए थे, जिसे लेकर दोनों के बीच विवाद भी चल रहा था। फिलहाल, सीओ स्तर पर जांच जारी है और पुलिस पूरे मामले की गहराई से पड़ताल कर रही है।
यह घटना एक बार फिर पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और आंतरिक अनुशासन पर सवाल खड़े करती है। अब देखना होगा कि जांच के बाद आरोपी के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है और पीड़िता को न्याय कब तक मिल पाता है।।
