गौतमबुद्धनगर: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सुरक्षा पर सख्ती: इमरजेंसी प्लानिंग से लेकर ड्रोन-लेजर पर प्रतिबंध तक बड़े फैसले!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
गौतमबुद्धनगर, 17 मार्च 2026 |
दो टूक// नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की सुरक्षा, आपातकालीन तैयारी और पर्यावरणीय मानकों को मजबूत करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक एयरपोर्ट इमरजेंसी प्लानिंग कमेटी (AEPC) और एयरपोर्ट पर्यावरण प्रबंधन समिति (AEMC) के तहत नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परिसर स्थित YIAPL कार्यालय में संपन्न हुई।
बैठक में हवाई अड्डे की आपातकालीन तैयारियों, आधुनिक आधारभूत संरचना और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय प्रणाली की विस्तृत समीक्षा पावर प्रजेंटेशन के माध्यम से की गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित, प्रभावी और एकीकृत प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए आपसी तालमेल मजबूत किया जाए।
आपातकालीन तैयारी और समन्वय पर विशेष जोर
जिलाधिकारी ने अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, डीडीएमए, यमुना विकास प्राधिकरण समेत सभी एजेंसियों को निर्देशित करते हुए कहा कि एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील क्षेत्र में आपदा प्रबंधन की तैयारियां हर स्तर पर मजबूत रहनी चाहिए।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रिस्टोफ श्नेलमैन ने बैठक में समिति की कार्यप्रणाली और तैयारियों की जानकारी दी। यह समिति नागरिक उड्डयन मंत्रालय की आपदा प्रबंधन योजना-2016 और DGCA के नियमों के तहत गठित की गई है, जो आपातकालीन व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा और अपडेट सुनिश्चित करती है।
मेडिकल रिस्पॉन्स सिस्टम को किया जाएगा और मजबूत
बैठक में सामूहिक दुर्घटनाओं और आपदाओं से निपटने के लिए स्थानीय अस्पतालों, एम्बुलेंस सेवाओं और एयरपोर्ट स्वास्थ्य अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी संबंधित अधिकारियों को नियमित प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल के माध्यम से तैयार रखा जाए, ताकि किसी भी संकट की स्थिति में तेजी से प्रतिक्रिया दी जा सके।
ड्रोन और लेजर लाइट पर सख्त प्रतिबंध
सुरक्षा के लिहाज से बड़े निर्णय लेते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि:
- एयरपोर्ट के नो-फ्लाइंग जोन में ड्रोन उड़ाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा
- एयरपोर्ट की परिधि से 18 किलोमीटर तक लेजर लाइट का इस्तेमाल पूरी तरह वर्जित होगा
इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के लिए पुलिस विभाग को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है।
भवन निर्माण और स्वच्छता पर भी कड़े निर्देश
यमुना विकास प्राधिकरण को निर्देश दिया गया कि एयरपोर्ट के आसपास निर्माण कार्य निर्धारित कलर कोड और ऊंचाई मानकों के अनुसार ही हो। बिना अनुमोदन के किसी भी निर्माण को अनुमति नहीं दी जाएगी।
इसके अलावा, एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्रों में कूड़ा निस्तारण को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए, ताकि स्वच्छता और पर्यावरणीय मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जा सके।
कई विभागों की रही भागीदारी
बैठक में प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन, NDRF, DGCA, स्वास्थ्य विभाग और एयरपोर्ट प्रबंधन टीम के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
निष्कर्ष:
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुरक्षित और सक्षम बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। इमरजेंसी रिस्पॉन्स, मेडिकल सिस्टम, सुरक्षा नियमों और पर्यावरण प्रबंधन को लेकर लिए गए ये फैसले भविष्य में एयरपोर्ट संचालन को और अधिक सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
