गुरुवार, 19 मार्च 2026

गौतमबुद्धनगर: मैट्रिमोनियल साइट से प्यार का जाल, करोड़ों की ठगी: अंतरराष्ट्रीय साइबर गैंग का सरगना गिरफ्तार!!

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गौतमबुद्धनगर: मैट्रिमोनियल साइट से प्यार का जाल, करोड़ों की ठगी: अंतरराष्ट्रीय साइबर गैंग का सरगना गिरफ्तार!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

नोएडा/फरीदाबाद।
दो टूक// साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना साइबर क्राइम पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय ठग गिरोह के सरगना को गिरफ्तार किया है, जो मैट्रिमोनियल साइट्स और सोशल मीडिया के जरिए महिलाओं को प्रेमजाल में फंसाकर करोड़ों रुपये की ठगी करता था। आरोपी के कब्जे से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, फर्जी दस्तावेज, विदेशी मुद्रा और अलग-अलग नामों के पासपोर्ट बरामद किए गए हैं।

 फरीदाबाद से दबोचा गया अंतरराष्ट्रीय ठग

पुलिस ने 18 मार्च 2026 को आरोपी सैमुअल ओगुन उर्फ स्टेपनी डेरिक को हरियाणा के फरीदाबाद से गिरफ्तार किया। आरोपी नाइजीरिया के बेनिन सिटी का निवासी बताया जा रहा है और उसकी उम्र करीब 38 वर्ष है।

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उसके पास से 5 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक टैबलेट, वाई-फाई राउटर, डोंगल, सिम कार्ड, 1800 नायरा विदेशी मुद्रा और अलग-अलग नामों के पासपोर्ट सहित कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए।

 प्यार का झांसा, फिर “विदेशी पार्सल” का खेल

जांच में सामने आया कि आरोपी मैट्रिमोनियल साइट्स और सोशल मीडिया के जरिए शादी की तलाश कर रही महिलाओं को निशाना बनाता था। वह खुद को विदेशी बिजनेसमैन बताकर पहले भरोसा जीतता और फिर प्रेमजाल में फंसा लेता था।

इसके बाद वह पीड़िताओं को यह कहकर ठगता था कि उसने उनके लिए विदेश से महंगे गिफ्ट या पार्सल भेजे हैं, जो एयरपोर्ट पर कस्टम में फंस गए हैं। पार्सल छुड़ाने के नाम पर वह अलग-अलग खातों में लाखों रुपये ट्रांसफर करा लेता था।

 करोड़ों की ठगी का खुलासा

अब तक की जांच में सामने आया है कि आरोपी ने:

  • एक पीड़िता से ₹56.46 लाख
  • दूसरी पीड़िता से ₹1.26 करोड़
    की ऑनलाइन ठगी की है।

इसके अलावा वह फर्जी लोन दिलाने के नाम पर भी लोगों से पैसे ऐंठता था और नकली दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी करता था।

 कई राज्यों में फैला नेटवर्क

पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी एक साथ 15-16 महिलाओं से अलग-अलग नामों से संपर्क में था। उसके खिलाफ गौतमबुद्धनगर के अलावा तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भी मामले दर्ज हैं।

पुलिस को आरोपी के लैपटॉप और टैबलेट से कई अहम डिजिटल सबूत मिले हैं, जिससे पूरे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है।

 फर्जी पहचान का मास्टरमाइंड

सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि आरोपी अलग-अलग देशों की पहचान और नामों से पासपोर्ट बनवाकर भारत आता-जाता था। पुराने पासपोर्ट के अमान्य होने पर वह नई पहचान बनाकर फिर सक्रिय हो जाता था।

 दर्ज मुकदमे

आरोपी के खिलाफ थाना साइबर क्राइम, कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में आईटी एक्ट और बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।

 पुलिस की अपील: ऐसे रहें सतर्क

साइबर क्राइम पुलिस ने लोगों को आगाह करते हुए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं:

  • मैट्रिमोनियल साइट्स पर किसी भी अजनबी की प्रोफाइल की जांच जरूर करें
  • “विदेश से पार्सल” या कस्टम में फंसने के नाम पर पैसे मांगने वालों से सावधान रहें
  • बिना सत्यापन के किसी को ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर न करें
  • फर्जी लोन ऑफर और कम ब्याज के झांसे में न आएं
  • ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें

 निष्कर्ष:
यह गिरफ्तारी साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता मानी जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इस अंतरराष्ट्रीय गिरोह के अन्य सदस्यों तक भी जल्द पहुंच बनाई जाएगी। वहीं, यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि ऑनलाइन रिश्तों और ऑफर्स में जरा सी लापरवाही भारी नुकसान का कारण बन सकती है।