गुरुवार, 19 मार्च 2026

गौतमबुद्धनगर: बैंकिंग क्षेत्र को रफ्तार देने के निर्देश: सीडीओ ने कहा—“मिशन मोड में लागू हों सरकारी योजनाएं, जरूरतमंदों तक पहुंचे ऋण”!!

शेयर करें:

गौतमबुद्धनगर: बैंकिंग क्षेत्र को रफ्तार देने के निर्देश: सीडीओ ने कहा—“मिशन मोड में लागू हों सरकारी योजनाएं, जरूरतमंदों तक पहुंचे ऋण”!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

गौतमबुद्धनगर, 19 मार्च 2026

दो टूक// जनपद में बैंकिंग सेवाओं को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं जनहितकारी बनाने के उद्देश्य से मुख्य विकास अधिकारी डॉ. शिवाकांत द्विवेदी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय समीक्षा समिति (DLRC) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में दिसंबर तिमाही 2025 के दौरान बैंकिंग क्षेत्र के प्रदर्शन के साथ-साथ केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान जिला अग्रणी मुख्य प्रबंधक राजेश सिंह कटारिया ने जनपद की बैंकिंग स्थिति का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत करते हुए बताया कि तिमाही अवधि में 10 नई बैंक शाखाओं की स्थापना के साथ कुल शाखाओं की संख्या बढ़कर 707 हो गई है। इसके साथ ही जनपद का ऋण-जमा अनुपात (CD Ratio) 59.72 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो पिछली तिमाही के बराबर है। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने नाराजगी जताते हुए निर्देश दिए कि जिन बैंक शाखाओं का सीडी रेशो कम है, वे विशेष अभियान चलाकर इसमें सुधार सुनिश्चित करें और ऋण वितरण को प्राथमिकता दें।

सीडीओ ने सभी बैंकर्स को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि वे सरकार की योजनाओं को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखें, बल्कि मिशन मोड में लागू करते हुए पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध तरीके से ऋण पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी संभव है जब बैंकर्स संवेदनशीलता के साथ जरूरतमंदों की पहचान कर उन्हें प्राथमिकता दें।

बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, एक जनपद एक उत्पाद (ODOP), मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना (MYSY), मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), पीएम स्वनिधि, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM), प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) तथा किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) सहित अनेक योजनाओं की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई।

वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में भी जनपद की स्थिति मजबूत पाई गई। समीक्षा के दौरान बताया गया कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJY) से 2,79,819, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) से 7,90,848 तथा अटल पेंशन योजना (APY) से 2,05,865 लाभार्थी जुड़े हुए हैं, जो वित्तीय सुरक्षा के प्रति लोगों की बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है।

इस अवसर पर वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक ऋण योजना (ACP) का भी शुभारंभ किया गया। इसके तहत ₹73,529.02 करोड़ का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 64.79 प्रतिशत अधिक है। सीडीओ ने सभी बैंकों को निर्देशित किया कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ठोस रणनीति तैयार करें और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें।

उन्होंने विशेष रूप से नंद बाबा, मिनी नंदिनी, पीएम स्वनिधि एवं मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित बैंक शाखाओं की जवाबदेही तय की जाएगी।

बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक के एलडीओ जसजीत सिंह कालरा ने बैंकिंग सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और ऋण वितरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं सरल बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

इस दौरान उपयुक्त उद्योग पंकज निर्माण, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी अरुण कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी सतीश कुमार, विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि, विभागीय अधिकारीगण एवं अन्य संबंधित हितधारक उपस्थित रहे।।