गौतमबुद्धनगर: आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को मिला तकनीकी सशक्तिकरण का संबल: 95 स्मार्टफोन, 633 उपकरण वितरित!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक// नोएडा। जनपद गौतमबुद्धनगर में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में सोमवार को विकास भवन सभागार में एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. शिवाकांत द्विवेदी की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में नियुक्ति पत्र, स्मार्ट मोबाइल फोन एवं ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस वितरित किए गए।
कार्यक्रम की शुरुआत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लखनऊ स्थित लोक भवन में आयोजित मुख्य कार्यक्रम के सजीव प्रसारण के साथ हुई, जिसे उपस्थित अधिकारियों और कार्यकत्रियों ने उत्साहपूर्वक देखा। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भूमिका को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बताते हुए उन्हें आधुनिक तकनीकों से लैस करने पर जोर दिया।
जनपद में भी हुआ व्यापक वितरण
लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के समानांतर गौतमबुद्धनगर में आयोजित समारोह में मुख्य विकास अधिकारी ने नवचयनित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं मुख्य सेविकाओं को 95 स्मार्ट मोबाइल फोन वितरित किए। इसके साथ ही बच्चों की लंबाई मापने के लिए 633 स्टेडियोमीटर और शिशुओं की सटीक वृद्धि मापने हेतु 55 इन्फैंटोमीटर भी प्रदान किए गए।
पोषण अभियान को मिलेगी गति
अधिकारियों के अनुसार, इन उपकरणों के माध्यम से बच्चों के पोषण स्तर की नियमित और सटीक निगरानी सुनिश्चित की जा सकेगी। इससे न केवल मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा, बल्कि पोषण अभियान को भी नई गति मिलेगी।
कार्यकत्रियों को किया प्रेरित
कार्यक्रम के समापन पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ. शिवाकांत द्विवेदी ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि तकनीकी संसाधनों के उपयोग से कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता बढ़ेगी, जिससे योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचेगा।
बड़ी संख्या में अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी आशीष कुमार, बाल विकास परियोजना अधिकारी संध्या सोनी सहित बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के अधिकारी, मुख्य सेविकाएं, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
यह आयोजन न केवल आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के मनोबल को बढ़ाने वाला साबित हुआ, बल्कि जनपद में मातृ एवं शिशु कल्याण योजनाओं को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी माना जा रहा है।।
