शनिवार, 21 मार्च 2026

गौतमबुद्धनगर: जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सुरक्षा हाईटेक: 5 नई पुलिस चौकियां, 7 पीआरवी तैनात, यातायात व्यवस्था भी होगी सुदृढ़!!

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गौतमबुद्धनगर: जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सुरक्षा हाईटेक: 5 नई पुलिस चौकियां, 7 पीआरवी तैनात, यातायात व्यवस्था भी होगी सुदृढ़!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

नोएडा/गौतमबुद्धनगर।
दो टूक// जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर ने बड़ा कदम उठाया है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में एयरपोर्ट क्षेत्र में आंतरिक व बाह्य सुरक्षा के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 5 नई अस्थायी पुलिस चौकियों का सृजन किया गया है।

इन नई पुलिस चौकियों में माइल स्टोन-32, कार्गो टर्मिनल, डोमेस्टिक टर्मिनल, माइल स्टोन-27 और माइल स्टोन-15 शामिल हैं। इनमें से तीन चौकियां नवसृजित ‘जेवर डोमेस्टिक टर्मिनल पुलिस स्टेशन’ के अंतर्गत संचालित की जा रही हैं, जबकि बाहरी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए थाना रबूपुरा और थाना दनकौर क्षेत्र में भी नई चौकियां स्थापित की गई हैं।

एयरपोर्ट जैसे अति संवेदनशील क्षेत्र में सुरक्षा को और प्रभावी बनाने के लिए 7 नए पीसीआर/पीआरवी वाहनों की तैनाती भी की गई है। इनमें से एक वाहन यमुना एक्सप्रेस-वे पर जेवर टोल से फलैदा कट तक गश्त करेगा, जबकि दूसरा वाहन एयरपोर्ट के मुख्य मार्गों पर लगातार पेट्रोलिंग करेगा।

इसके अलावा, दो पीआरवी वाहन एयरपोर्ट के बाहरी ग्रामीण क्षेत्रों—दयानतपुर, मुकीमपुर सिवारा, रामनेर, किशोरपुर, बनवारीवास से लेकर खुर्जा रोड तक—सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। वहीं, तीन अन्य पीआरवी वाहन ‘जेवर डोमेस्टिक टर्मिनल पुलिस स्टेशन’ क्षेत्र में तैनात रहेंगे। सभी वाहन अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरणों से लैस हैं, जिससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इन व्यवस्थाओं का मुख्य उद्देश्य एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और भरोसेमंद वातावरण उपलब्ध कराना है। लगातार पेट्रोलिंग और पुलिस की सक्रिय मौजूदगी से न केवल अपराध पर नियंत्रण लगेगा, बल्कि आमजन में सुरक्षा का विश्वास भी मजबूत होगा।

कमिश्नरेट पुलिस का मानना है कि यह पहल जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को देश के सबसे सुरक्षित और व्यवस्थित एयरपोर्ट क्षेत्रों में शामिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। साथ ही, यह आधुनिक और तकनीक आधारित पुलिसिंग का भी एक सशक्त उदाहरण है, जिससे भविष्य में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक प्रभावी होगी।