गुरुवार, 26 मार्च 2026

गौतमबुद्धनगर: “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाला साइबर गिरोह बेनकाब, 2 शातिर गिरफ्तार!!

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गौतमबुद्धनगर: “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाला साइबर गिरोह बेनकाब, 2 शातिर गिरफ्तार!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

नोएडा, 26 मार्च 2026।
दो टूक// थाना साइबर क्राइम पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के दो वांछित अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, 24/25 मार्च 2026 की रात को संकलित खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए नरेन्द्र सिंह और इन्द्रेश को क्रमशः जनपद आगरा और मध्य प्रदेश के भिंड जिले से गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे और साइबर ठगी के कई मामलों में वांछित थे।

ऐसे बनाते थे लोगों को शिकार

जांच में सामने आया है कि आरोपी खुद को CBI, पुलिस, ED या अन्य जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर पीड़ितों को कॉल करते थे। वे “डिजिटल अरेस्ट” का भय दिखाकर लोगों को मानसिक रूप से दबाव में लाते और फिर उनसे मोटी रकम ऐंठ लेते थे।

एक पीड़ित से ही आरोपियों ने 1 करोड़ 29 लाख 61 हजार 962 रुपये की ठगी की थी, जिसमें से लगभग 48.95 लाख रुपये सीधे इनके खातों में पहुंचे।

 देशभर में फैला था ठगी का जाल

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों के संयुक्त बैंक खाते के खिलाफ देश के कई राज्यों—उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, दिल्ली, गुजरात, पश्चिम बंगाल और जम्मू-कश्मीर—से कुल 8 शिकायतें दर्ज हैं।
इन मामलों में आरोपियों ने करीब 2 करोड़ 20 लाख रुपये की ठगी की है।

गौरतलब है कि इस गिरोह के दो अन्य सदस्यों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

आरोपियों का विवरण

  • नरेन्द्र सिंह (23 वर्ष), निवासी जिला भिंड, मध्य प्रदेश
  • इन्द्रेश (23 वर्ष), निवासी जिला भिंड, मध्य प्रदेश

दर्ज मुकदमा

थाना साइबर क्राइम, गौतमबुद्धनगर में धारा 308(2), 318(4), 319(2), 61(2) BNS एवं 66D IT Act के तहत मुकदमा दर्ज है।

पुलिस की अपील: “डिजिटल अरेस्ट” एक झांसा है

साइबर क्राइम पुलिस ने आम जनता से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है:

  • “डिजिटल अरेस्ट” जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती।
  • कोई भी एजेंसी फोन पर गिरफ्तारी नहीं करती।
  • खुद को CBI/ED/पुलिस बताकर डराने वाले कॉल से सावधान रहें।
  • अनजान लिंक, फर्जी निवेश ऑफर और संदिग्ध कॉल से दूरी बनाएं।
  • आधार, पैन या बैंक डिटेल किसी अनजान व्यक्ति से साझा न करें।

📞 साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें
या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।

 निष्कर्ष:
नोएडा साइबर क्राइम पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बड़े ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। “डिजिटल अरेस्ट” जैसे नए हथकंडों से ठगी करने वाले गिरोहों के खिलाफ यह एक अहम सफलता मानी जा रही है, साथ ही आम लोगों के लिए सतर्क रहने की बड़ी चेतावनी भी है।