गोण्डा- जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन एवं मुख्य विकास अधिकारी अंकिता जैन के निर्देशन तथा प्रभावी अनुश्रवण के परिणामस्वरूप जनपद के विकास कार्यों की प्रगति में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। गत माह विकास कार्यों की रैंकिंग में 52वें स्थान पर जनपद था जबकि इस माह 26 रैंकों का उल्लेखनीय सुधार करते हुए जनपद ने 26वाँ स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि प्रशासनिक अधिकारियों, संबंधित विभागों तथा फील्ड स्तर पर कार्यरत कार्मिकों के सतत प्रयासों का परिणाम है।
विकास के कुल 86 मदों में से 77 मदों में जनपद को ‘ए’ श्रेणी प्राप्त हुई है, जो कि विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और समयबद्ध प्रगति को दर्शाता है। शेष मदों में भी अपेक्षित सुधार हेतु संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है, जिससे आगामी माह में और बेहतर रैंकिंग प्राप्त की जा सके। जनपद प्रशासन का स्पष्ट लक्ष्य गोण्डा को प्रदेश के शीर्ष 10 जनपदों में सम्मिलित करना है, जिसके लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि पंचायतों में धनराशि व्यय की प्रगति अपेक्षाकृत धीमी है। इसके अतिरिक्त, फैमिली आईडी निर्माण, पीएम सूर्य घर बिजली योजना, आईसीडीएस, अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति द्वारा डेटा ट्रांसफर में शिथिलता देखी गई है। साथ ही कुछ निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण न किए जाने की स्थिति भी सामने आई है।
उक्त कमियों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी द्वारा संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण किया जाए। आगामी माह इन सभी बिंदुओं पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी तथा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
जनपद प्रशासन द्वारा यह भी अपेक्षा की गई है कि सभी विभागीय अधिकारी नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करें, पोर्टल पर अद्यतन एवं सही डेटा अपलोड सुनिश्चित करें तथा योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समय से पहुँचाया जाए। जनपद गोण्डा के समग्र विकास एवं बेहतर रैंकिंग के लिए प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।
