सोमवार, 30 मार्च 2026

गौतमबुद्धनगर: आपदा प्रबंधन में सामुदायिक भागीदारी पर जोर: ग्रेटर नोएडा में एनडीआरएफ की कार्यशाला में 245 प्रतिभागियों ने लिया प्रशिक्षण!!

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गौतमबुद्धनगर: आपदा प्रबंधन में सामुदायिक भागीदारी पर जोर: ग्रेटर नोएडा में एनडीआरएफ की कार्यशाला में 245 प्रतिभागियों ने लिया प्रशिक्षण!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक:: नोएडा/ग्रेटर नोएडा। जनपद गौतमबुद्धनगर में आपदा जोखिम न्यूनीकरण और सामुदायिक सहभागिता को सशक्त बनाने के उद्देश्य से सोमवार को एक दिवसीय जनपद स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। ग्रेटर नोएडा वर्ल्ड स्कूल, सिग्मा-1 स्थित सेमिनार हॉल में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं, विद्यार्थियों और आपदा मित्रों सहित कुल 245 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस उपायुक्त महिला सुरक्षा अनुकृति शर्मा, जिला विकास अधिकारी शिव प्रताप परमेश और विद्यालय की प्रधानाचार्य मंजू कौल रायना ने दीप प्रज्वलन कर किया। इस दौरान वक्ताओं ने आपदा प्रबंधन में जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता की भूमिका को बेहद अहम बताया।

एनडीआरएफ ने दिया व्यवहारिक प्रशिक्षण

कार्यशाला में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की 8वीं बटालियन, गाजियाबाद के प्रशिक्षक राजू यादव ने प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने भूकंप, बाढ़, चक्रवात, आग, भू-स्खलन और रासायनिक दुर्घटनाओं जैसी आपदाओं के दौरान बचाव एवं राहत कार्यों की रणनीति समझाई।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को CPR (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन), BLS (बेसिक लाइफ सपोर्ट) और FBAO (गला घुटने की स्थिति में प्राथमिक सहायता) जैसी जीवनरक्षक तकनीकों का अभ्यास कराया गया। इसके साथ ही रक्तस्राव रोकने, टूरनीकेट लगाने, वाउंड पैकिंग और सीमित संसाधनों से स्ट्रेचर व फ्लोटिंग डिवाइस बनाने के तरीके भी सिखाए गए।

‘आपदा सखी’ मॉडल पर विशेष जोर

जिला रिसोर्स पर्सन ममता भारद्वाज और मास्टर ट्रेनर श्रीयांश चतुर्वेदी ने ‘आपदा सखी’ मॉडल के तहत स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्रशिक्षित किया। उन्होंने बताया कि ग्रामीण महिलाएं आपदा के समय केवल पीड़ित नहीं, बल्कि प्रभावी रक्षक की भूमिका निभा सकती हैं। प्रशिक्षण में खोज एवं बचाव, फायरमैन लिफ्ट, सुरक्षित निकासी, जोखिम मानचित्रण और स्थानीय संसाधनों के उपयोग की तकनीकों पर विशेष फोकस किया गया।

स्वास्थ्य और अग्नि सुरक्षा पर भी मिला प्रशिक्षण

कार्यशाला में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. टीकम कुमार ने प्राथमिक उपचार, ट्रायज प्रणाली और भीड़ प्रबंधन की जानकारी दी। वहीं अग्निशमन अधिकारी जितेन्द्र कुमार ने आग से बचाव और फायर एक्सटिंग्यूशर के सही उपयोग का व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया।

वीडियो प्रस्तुति और प्रमाण पत्र वितरण

कार्यक्रम के दौरान आपदा से बचाव संबंधी जागरूकता वीडियो भी प्रदर्शित किए गए। अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित कर सम्मानित किया गया और समूह फोटो के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

इस अवसर पर जिला पंचायत राज अधिकारी अजय कुमार यादव, जिला परियोजना अधिकारी नेहा सिंह, समाज कल्याण विभाग के अधिकारी, पुलिस एवं होमगार्ड के प्रतिनिधि, एनसीसी सदस्य सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला आपदा विशेषज्ञ ओमकार चतुर्वेदी ने किया।

यह कार्यशाला जनपद में आपदा प्रबंधन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने और लोगों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई।।