गौतमबुद्धनगर: नोएडा में दिल दहला देने वाला हादसा: 12वीं मंजिल से गिरकर 3 साल के मासूम की मौत, मां ट्यूशन छोड़ने गई थी बाहर!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक// ग्रेटर नोएडा
ग्रेटर नोएडा वेस्त्वके हाईराइज अपार्टमेंट में शुक्रवार दोपहर एक बेहद दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। गौर सिटी-2 की 7th एवेन्यू सोसायटी में 3 साल का मासूम बच्चा खेलते-खेलते 12वीं मंजिल से नीचे गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार समेत पूरी सोसायटी में शोक की लहर दौड़ गई।
मां के बाहर जाते ही हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, बिसरख थाना क्षेत्र स्थित सोसायटी के फ्लैट में संजय पाल अपने परिवार के साथ रहते हैं। शुक्रवार दोपहर उनकी पत्नी अपने बड़े बेटे को ट्यूशन छोड़ने बाहर गई थीं। इसी दौरान छोटा बेटा सागनिक पाल घर में अकेला रह गया।
कुछ ही देर में खेलते-खेलते मासूम बालकनी तक पहुंच गया, जहां एक छोटी सी चूक ने उसकी जिंदगी छीन ली।
कुर्सी बनी हादसे की वजह
बताया जा रहा है कि बालकनी के पास एक कुर्सी रखी हुई थी। बच्चा खेलते हुए उस पर चढ़ गया और नीचे झांकने लगा। इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे 12वीं मंजिल से नीचे जा गिरा।
ऊंचाई अधिक होने के कारण बच्चे को सिर और शरीर में गंभीर चोटें आईं। घटना इतनी भयावह थी कि देखने वालों की रूह कांप उठी।
पड़ोसियों ने दिखाई तत्परता, लेकिन नहीं बच सकी जान
जोरदार आवाज सुनकर आसपास के लोग और सुरक्षा गार्ड तुरंत मौके पर पहुंचे। बच्चे को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल ले जाया गया।
सूचना मिलते ही मां भी अस्पताल पहुंचीं, लेकिन अपने बेटे को इस हालत में देखकर वह बेसुध हो गईं। डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसीपी बिसरख ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
बढ़ते हादसे दे रहे चेतावनी
हाईराइज सोसायटी में इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जो सुरक्षा व्यवस्था और बच्चों की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बालकनी में सुरक्षा जाल (नेट) और ऊंची ग्रिल लगाना बेहद जरूरी है, ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके।
यह हादसा एक कड़वी सीख है—बच्चों को घर में अकेला छोड़ना और बालकनी में असुरक्षित व्यवस्था कभी भी जानलेवा साबित हो सकती है।
