लखनऊ :
थाना समाधान दिवसों के दौरान राजस्व कर्मी नदारत,फरियादी निराश।
दो टूक : राजधानी लखनऊ मे थाना पीजीआई परिसर मे शनिवार को थाना समाधान दिवस पर राजस्व कर्मी लेखपाल और कानूगो नादरत रहे। शिकायतें लेकर आए फरियादी,राजस्व विभाग के अधिकारियों के नदारद रहने के कारण निराश होकर खाली हाथ लौटना पड़ा ।पीजीआई इस्पेक्टर एवं वरिष्ठ उप निरीक्षक ने शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को सुना और उनके निस्तारण के निर्देश दिए। वहीं इस्पेक्टर ने सरोजनीनगर तहसीलदार सुखवीर सिंह को काल कर जानकारी देनी चाहिए लेकिन मोबाइल रिसीव नही हुआ।
राजस्व कर्मी शासन व प्रशासन की मंशा पर पानी फेर रहे है।।
विस्तार :
शासन व प्रशासन की मंशा के अनुसार शनिवार को थाना समाधान दिवस का आयोजन किया गया। जिसका उद्देश्य
थाना समाधान दिवस का उद्देश्य जमीनी स्तर पर त्वरित न्याय और समाधान देना है।
इसी क्रम मे थाना पीजीआई परिसर मे भी शनिवार को थाना समाधान का आयोजन किया गया। जहाँ तहसील के राजस्व कर्मी कानूगो एवं लेखपाल दोपहर तक नादरत रहे। थाना प्रभारी धीरेन्द्र कुमार सिंह और वरिष्ठ उप निरीक्षक आशोक कुमार ने आए हुए फरियादियों की फरियाद सुनकर अपने स्तर से समाधान किया। कुछ फरियादी निराश होकर लौट गए। जिसकी सूचना इस्पेक्टर पीजीआई तहसीलदार सरोजनीनगर को देने की कोशिश की लेकिन तहसीलदार सुखवीर सिंह का मोबाइल काल रिसीव नही हुआ। इसी दौरान किसान ने कप्तान सिंह भी पीडित किसानों के साथ पहुचे लेकिन राजस्व कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण वापस लौट गए।
बताते चले कि जनता की सुविधा के लिए स्थानीय स्तर पर थाना समाधान का आयोजन आयोजित किया जाता है।
लेकिन आपसी तालमेल की कमी और विभागीय लापरवाही के चलते यह उद्देश्य पीछे छूटता जा रहा है। फरियादी न्याय के लिए भटकने को मजबूर हैं। शनिवार को जिलेभर के थानों में आयोजित समाधान दिवस में भूमि विवादों से जुड़े मामलों की भरमार रही। फरियादी समाधान की उम्मीद लेकर थाने पहुंचे, लेकिन अधिकतर मामलों में उन्हें निराशा हाथ लगी।
