मंगलवार, 10 फ़रवरी 2026

लखनऊ : फर्जी खबर से प्रतिष्ठा धूमिल करने का भाईयों ने लगाया आरोप।||Lucknow: Brothers allege that their reputation was tarnished by fake news.||

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लखनऊ : 
फर्जी खबर से प्रतिष्ठा धूमिल करने का भाईयों ने लगाया आरोप।।
दो टूक : बिल्डर भाईयो ने फर्जी खबर चलाकर वसूली के लिए दबाव बनाने का लगाया आरोप,कहा  सार्वजनिक माफी नहीं मांगी तो होगी कानूनी कार्रवाई।
विस्तार :
राजधानी लखनऊ में कथित पत्रकारिता के नाम पर वसूली और मनगढ़ंत खबरें चलाकर प्रतिष्ठित लोगों की छवि धूमिल करने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा प्रकरण में रियल एस्टेट क्षेत्र में अपनी अलग पहचान और ब्रांड स्थापित कर चुके दो सगे बिल्डर भाइयों की छवि खराब करने का मामला प्रकाश में आया है।
बिल्डर भाइयों अविचल शुक्ला और निश्चल शुक्ला ने आरोप लगाया है कि एक स्थानीय चैनल द्वारा उनकी मोहनलालगंज की एक प्लॉटिंग साइट को लेकर जानबूझकर फर्जी और आधारहीन खबर प्रसारित की गई, जिससे उनकी वर्षों की मेहनत से बनाई गई प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया। उन्होंने बताया कि जिस तथाकथित पत्रकार के बयान के आधार पर उनके खिलाफ गंभीर आरोप लगाकर खबर चलाई गई, उसका उनकी प्लॉटिंग साइट से कोई लेना-देना नहीं है। न तो उसने वहां कोई प्लॉट खरीदा है और न ही वह उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानता है।
सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे मामले में वसूली की आशंका भी जताई जा रही है। आरोप है कि खबर के माध्यम से दबाव बनाकर आर्थिक लाभ लेने की कोशिश की गई। बिल्डर भाइयों का कहना है कि उन्होंने रियल एस्टेट क्षेत्र में पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ कार्य करते हुए अपनी पहचान बनाई है। ऐसे में बिना किसी तथ्य और प्रमाण के झूठी खबर प्रसारित करना न केवल उनकी सामाजिक व व्यावसायिक छवि को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि यह कानूनन अपराध भी है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों भाइयों ने संबंधित चैनल के मालिक और कथित पत्रकार को लीगल नोटिस भेजने की बात कही है। नोटिस में झूठी खबर प्रसारित कर प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने, मानसिक उत्पीड़न और व्यावसायिक नुकसान के लिए विधिक कार्रवाई करने का उल्लेख किया गया है। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की भ्रामक और असत्य खबरों के प्रसारण से बचने की चेतावनी भी दी गई है।
अविचल शुक्ला और निश्चल शुक्ला ने स्पष्ट कहा कि यदि समय रहते चैनल द्वारा सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी गई और खबर वापस नहीं ली गई, तो वह न्यायालय का दरवाजा खटखटाने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि समाज में पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए इस तरह की गैरजिम्मेदाराना गतिविधियों पर अंकुश लगना अत्यंत आवश्यक है।
वहीं इस पूरे घटनाक्रम ने मीडिया की कार्यशैली और जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। समाज के बुद्धिजीवियों का मानना है कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य सत्य और निष्पक्षता को सामने लाना होता है, लेकिन यदि इसका दुरुपयोग वसूली या व्यक्तिगत द्वेष के लिए किया जाता है तो इससे समाज में गलत संदेश जाता है। फिलहाल मामले में जल्द ही कानूनी प्रक्रिया शुरू होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे आने वाले समय में इस प्रकरण पर बड़ा निर्णय सामने आ सकता है।