रविवार, 22 फ़रवरी 2026

गोण्डा- वेकटाचार्य क्लब में विधिक सहायता मेगा शिविर का हुवा आयोजन, विधिक सहायता मेगा शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लाभार्थियों को योजनाओं का मिला लाभ

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गोण्डा- राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के संयुक्त तत्वाधान में वेकटाचार्य क्लब, गोण्डा में विधिक सहायता मेगा शिविर का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजन, विशेषकर समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों को विधिक सहायता एवं विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ एक ही मंच पर उपलब्ध कराना रहा।
शिविर में जनपद के विभिन्न विभागों द्वारा व्यापक जनकल्याणकारी गतिविधियां संचालित की गईं। जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित किए गए। उद्योग विभाग द्वारा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान योजना के अंतर्गत 25 लाभार्थियों को स्वीकृत ऋण के चेक प्रदान किए गए, जिससे उन्हें स्वरोजगार स्थापित करने में सहायता मिलेगी।
विद्युत विभाग द्वारा भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना आरडीएसएस एलओएच (Left Over Household) के अंतर्गत जनपद के विभिन्न मजरों के 48 लाभार्थियों को नए विद्युत संयोजन प्रदान किए गए। साथ ही उप्र सरकार द्वारा संचालित बिजली बिल राहत योजना के तहत विद्युत चोरी के 18 प्रकरणों में पंजीकरण कराकर उपभोक्ताओं को योजना का लाभ दिलाया गया।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी उल्लेखनीय कार्य किया गया। यहां 25 टीबी रोगियों को पोषण पोटली वितरित की गई और 25 वृद्धजनों को निःशुल्क चश्मे प्रदान किए गए तथा 15 पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त 25 कुष्ठ रोगियों को एमसीआर चप्पल एवं सेल्फ केयर किट उपलब्ध कराई गई।
कार्यक्रम के माध्यम से शासन की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई तथा पात्र व्यक्तियों को त्वरित लाभ प्रदान कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया गया।
एनआरएलएम के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित स्वयं सहायता समूहों की दीदियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में उनके प्रयासों को सम्मानित करना रहा।
एनआरएलएम के अंतर्गत संचालित आजीविका संवर्धन, स्वरोजगार, वित्तीय समावेशन एवं कौशल विकास योजनाओं से लाभान्वित दीदियों को प्रमाण पत्र देकर उनके प्रयासों की सराहना की गई। अधिकारियों ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास हुआ है, जिससे वे परिवार और समाज में सकारात्मक परिवर्तन की वाहक बन रही हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी लाभार्थी दीदियों को विधिक जागरूकता बढ़ाने, समूह सशक्तिकरण को आगे बढ़ाने तथा सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में जनपद न्यायाधीश तथा अन्य न्यायिक अधिकारी, अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार, उपजिलाधिकारी सदर गोण्डा एके गुप्ता, डीडीओ एसके श्रीवास्तव, जिला दिव्यांगजन अधिकारी सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।