शनिवार, 21 फ़रवरी 2026

गौतमबुद्धनगर: स्वर्ण जयंती वर्ष में सवालों के घेरे में नोएडा: सीएम योगी के आगमन से पहले शहर में कचरे के ढेर और जर्जर सड़कें!!

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गौतमबुद्धनगर: स्वर्ण जयंती वर्ष में सवालों के घेरे में नोएडा: सीएम योगी के आगमन से पहले शहर में कचरे के ढेर और जर्जर सड़कें!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक// नोएडा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गौतमबुद्ध नगर दौरा प्रस्तावित है, लेकिन इससे ठीक पहले नोएडा शहर की जमीनी हकीकत कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। शहर में इन दिनों सफाई कर्मियों की हड़ताल के चलते जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, प्राधिकरण की ओर से डोर-टू-डोर कचरा उठाने वाली एजेंसी की गाड़ियां पिछले दो दिनों से कई सेक्टरों और कॉलोनियों में नहीं पहुंची हैं। परिणामस्वरूप घरों के बाहर कूड़े के ढेर जमा हो गए हैं और सड़कों पर बदबू व गंदगी का माहौल बना हुआ है। लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री के दौरे से पहले शहर की साफ-सफाई और मूलभूत सुविधाओं की स्थिति दुरुस्त होनी चाहिए थी, लेकिन हालात इसके उलट दिखाई दे रहे हैं।

सड़कों की हालत भी चिंताजनक

सिर्फ सफाई व्यवस्था ही नहीं, बल्कि शहर की कई प्रमुख और आंतरिक सड़कों की हालत भी खराब बताई जा रही है। जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं, जिससे वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अब तक सड़कों की मरम्मत या नए सिरे से निर्माण के लिए कोई ठोस टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि सड़कों के निर्माण और मरम्मत के लिए मार्च से जून तक का समय ही उपयुक्त होता है, क्योंकि जुलाई से बरसात का मौसम शुरू हो जाता है। वर्षा ऋतु में सड़क निर्माण कार्य लगभग ठप हो जाते हैं। ऐसे में प्रशासन के पास महज चार महीने का सीमित समय बचा है, जिसमें व्यापक स्तर पर सुधार कार्य कराना एक बड़ी चुनौती होगी।

स्वर्ण जयंती वर्ष में व्यवस्था पर सवाल

नोएडा इस वर्ष अपने स्वर्ण जयंती वर्ष का जश्न मना रहा है। ऐसे ऐतिहासिक अवसर पर शहर की आधारभूत सुविधाओं की यह स्थिति नागरिकों को निराश कर रही है। लोगों का कहना है कि स्वर्ण जयंती वर्ष में शहर को आदर्श मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जाना चाहिए, लेकिन वर्तमान हालात प्रशासनिक उदासीनता की तस्वीर पेश कर रहे हैं।

अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे से पहले प्रशासन सफाई व्यवस्था और सड़क मरम्मत जैसे मुद्दों पर कितनी तेजी से कदम उठाता है। फिलहाल शहरवासी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि शीर्ष स्तर पर संज्ञान लेकर नोएडा की व्यवस्था को पटरी पर लाया जाएगा।।