मंगलवार, 24 फ़रवरी 2026

गौतमबुद्धनगर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आह्वान पर हिंदू सम्मेलन: शिक्षा, संस्कृति और राष्ट्रहित पर गूंजा उचा अमीरपुर!!

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गौतमबुद्धनगर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आह्वान पर हिंदू सम्मेलन: शिक्षा, संस्कृति और राष्ट्रहित पर गूंजा उचा अमीरपुर!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दादरी (गौतमबुद्ध नगर)।
दो टूक// दादरी क्षेत्र के एनटीपीसी खंड उचा अमीरपुर मंडल स्थित ठाकुर खम्बीर सिंह हरप्यारी देवी इंटर कॉलेज में आयोजित हिंदू सम्मेलन में समाज के विभिन्न वर्गों की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समाज में एकता, संस्कार, राष्ट्रीय चेतना और सामाजिक समरसता की भावना को सुदृढ़ करना रहा। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने शिक्षा, चरित्र निर्माण, सांस्कृतिक संरक्षण और युवाओं की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार रखे।

सम्मेलन के मुख्य वक्ता राजकुमार आर्य (जिला कार्यवाह, गौतमबुद्ध नगर) ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल परीक्षा में उच्च अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार, संस्कारित और राष्ट्रनिष्ठ नागरिक बनना है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति की जातीय पहचान अपनी जगह महत्वपूर्ण हो सकती है, लेकिन उससे पहले राष्ट्र सर्वोपरि है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नशे और गलत प्रवृत्तियों से दूर रहकर समाज और देश के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने “पंच परिवर्तन” के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संदेश दिया और कहा कि यदि युवा पीढ़ी सही दिशा में आगे बढ़ेगी तो राष्ट्र प्रगति की नई ऊंचाइयों को छुएगा।

विद्यालय के प्रधानाचार्य विपिन शिशौदिया ने कहा कि किसी भी देश को कमजोर करने का सबसे आसान तरीका उसकी संस्कृति और परंपराओं को समाप्त करना है। इसलिए आवश्यक है कि हम अपनी सांस्कृतिक विरासत, नैतिक मूल्यों और पारंपरिक आदर्शों की रक्षा करें। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी।

सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे उचा अमीरपुर के शैतान प्रधान ने उपस्थित सभी अतिथियों और नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज की मजबूती के लिए नियमित सहभागिता और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने युवाओं को पढ़ाई के साथ-साथ शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन बनाए रखने पर भी जोर दिया।

कार्यक्रम का संचालन अनिल राणा ने प्रभावशाली ढंग से किया। इस अवसर पर ओमवीर आर्य (एडवोकेट), अजय भाटी, राकेश, मा. योगेंद्र जी, मा. अवधेश जी, सुनीता, निशा, सीमा चौहान, गीता जोशी, नवीता, आसमीन, चंचल, निकिता, दिनेश, कुलदीप शर्मा, सुबे नागर, हरकेश आर्य, रूपचंद जी, विजय शिशौदिया, दिलीप सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन आभार ज्ञापन के साथ हुआ। सम्मेलन ने शिक्षा, संस्कृति और राष्ट्रहित के प्रति समाज की जागरूकता को एक नई दिशा देने का कार्य किया।