गुरुवार, 12 फ़रवरी 2026

गौतमबुद्धनगर: सेक्टर-150 में इंजीनियर की मौत के बाद भी नहीं चेता प्राधिकरण? बसई में खुले नाले में गिरी कार, बड़ा हादसा टला!!

शेयर करें:

गौतमबुद्धनगर: सेक्टर-150 में इंजीनियर की मौत के बाद भी नहीं चेता प्राधिकरण? बसई में खुले नाले में गिरी कार, बड़ा हादसा टला!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

नोएडा। सेक्टर-150 में एक इंजीनियर की दर्दनाक मौत के बाद भी नोएडा प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर सवाल थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। शहर में खुले नाले और कथित ‘डेथ पॉइंट’ अब भी हादसों को खुला न्योता दे रहे हैं। ताजा मामला थाना फेस-3 क्षेत्र के बसई इलाके का है, जहां एक कार खुले नाले में जा गिरी। गनीमत रही कि कार सवारों ने किसी तरह अपनी जान बचा ली और बड़ा हादसा टल गया।

वर्क सर्किल-5 क्षेत्र में खुले नालों का आरोप

स्थानीय लोगों का आरोप है कि वर्क सर्किल-5 क्षेत्र में कई स्थानों पर नाले खुले पड़े हैं, जिन पर न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग है और न ही चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। इससे आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।

बसई क्षेत्र में हुई घटना ने एक बार फिर प्राधिकरण की तैयारियों और सुरक्षा इंतजामों पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। बताया जा रहा है कि कार अचानक असंतुलित होकर खुले नाले में गिर गई। कार में सवार लोगों ने किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाई।

पुलिस ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन

घटना की सूचना मिलते ही थाना फेस-3 पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद कार को नाले से बाहर निकाला गया। पुलिस की तत्परता से स्थिति नियंत्रित रही, लेकिन हादसे ने स्थानीय निवासियों को दहशत में डाल दिया।

स्थानीय लोगों में आक्रोश

घटना के बाद क्षेत्रीय लोगों में नाराजगी देखी गई। उनका कहना है कि पहले भी कई बार खुले नालों और असुरक्षित स्थानों को लेकर शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।

प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर फिर सवाल

सेक्टर-150 में हुए पूर्व हादसे के बाद उम्मीद की जा रही थी कि प्राधिकरण सुरक्षा मानकों को लेकर सख्ती बरतेगा, लेकिन ताजा घटना ने फिर से लापरवाही के आरोपों को हवा दे दी है। नागरिकों की मांग है कि शहर में खुले नालों को तत्काल ढका जाए, संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़ी अनहोनी से बचा जा सके।

नोएडा जैसे आधुनिक शहर में बुनियादी सुरक्षा इंतजामों को लेकर उठते सवाल प्रशासन और प्राधिकरण दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय बनते जा रहे हैं।।