गौतमबुद्धनगर: किसान की अनोखी आस्था यात्रा: ट्रैक्टर-ट्रॉली से करेंगे चार धाम और 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन!!
महाशिवरात्रि पर ग्राम पर्थला खंजरपुर से सुशील प्रधान ने साथियों संग किया प्रस्थान
दो टूक// नोएडा।
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर नोएडा के ग्राम पर्थला खंजरपुर के किसान परिवार से जुड़े सुशील प्रधान ने एक अनोखी और प्रेरणादायक धार्मिक यात्रा की शुरुआत की। यह यात्रा किसी आधुनिक वाहन से नहीं, बल्कि विशेष रूप से मॉडिफाइड ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से रविवार, 15 फरवरी को दोपहर 12 बजे विधिवत रूप से प्रारंभ हुई।
सुशील प्रधान अपने सात साथियों के साथ लगभग सवा दो महीने तक चलने वाली इस धार्मिक यात्रा में देश के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों और चार धाम के दर्शन करेंगे। उनकी यात्रा की शुरुआत गुजरात स्थित नागेश्वर ज्योतिर्लिंग से होगी और उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम तक पहुंचेगी।
12 ज्योतिर्लिंग और चार धाम का संकल्प
यात्रा के दौरान वे सोमनाथ मंदिर, मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग, महाकालेश्वर मंदिर, ओंकारेश्वर मंदिर, केदारनाथ मंदिर, भीमाशंकर मंदिर, काशी विश्वनाथ मंदिर, त्र्यंबकेश्वर मंदिर, बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग, रामेश्वरम मंदिर और घृष्णेश्वर मंदिर सहित सभी 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करेंगे।
इसके साथ ही वे चार धाम—बद्रीनाथ, द्वारका, जगन्नाथ पुरी और रामेश्वरम—की यात्रा भी पूर्ण करेंगे।
ट्रैक्टर-ट्रॉली बनी चलती-फिरती धाम यात्रा
इस यात्रा की सबसे विशेष बात यह है कि पूरा ट्रैक्टर और ट्रॉली विशेष रूप से तैयार किया गया है। ट्रॉली को इस प्रकार मॉडिफाई किया गया है कि उसमें सोने-बैठने, भोजन बनाने और आवश्यक सामान रखने की समुचित व्यवस्था है। पूरी टीम सड़क मार्ग से इसी ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से आगे बढ़ेगी।
सुशील प्रधान ने बताया कि सामान्यतः लोग धार्मिक यात्राएं बस, कार या विमान से करते हैं, लेकिन किसान परिवार से होने के कारण ट्रैक्टर-ट्रॉली उनकी पहचान है। इसी भावना के साथ उन्होंने अपनी आस्था को अपनी जड़ों से जोड़ते हुए इस अनूठे माध्यम से यात्रा का संकल्प लिया।
ग्रामीण संस्कृति और आस्था का संगम
महाशिवरात्रि के दिन आरंभ हुई यह यात्रा केवल धार्मिक श्रद्धा का प्रतीक नहीं, बल्कि ग्रामीण संस्कृति, सादगी और भारतीय परंपरा की जीवंत मिसाल भी है। गांव में इस पहल को लेकर विशेष उत्साह देखा गया और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उन्हें शुभकामनाएं देकर विदा किया।
सुशील प्रधान ने बताया कि यात्रा से जुड़े अपडेट उनकी इंस्टाग्राम आईडी @SushilPradhan के माध्यम से प्राप्त किए जा सकते हैं।
यह अनोखी पहल दर्शाती है कि सच्ची आस्था साधनों की मोहताज नहीं होती—संकल्प, विश्वास और परंपरा से जुड़ाव ही उसे विशेष बनाते हैं।
