गोण्डा- माँ पाटेश्वरी शक्ति संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत सोमवार को मंडलायुक्त कार्यालय, गोण्डा में महिलाओं हेतु विशेष जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस अवसर पर देवीपाटन मंडल के विभिन्न क्षेत्रों से आई महिलाओं ने अपनी व्यक्तिगत, पारिवारिक, राजस्व, पुलिस एवं भूमि विवाद से जुड़ी समस्याओं को खुलकर रखा। कुल 11 महिलाओं ने जनसुनवाई में अपने-अपने प्रकरण प्रस्तुत किए, जिन्हें आयुक्त ने गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना।
जनसुनवाई के दौरान महिलाओं ने पारिवारिक विवाद, घरेलू उत्पीड़न, भूमि पर अवैध कब्जा, सीमांकन, पुलिस से संबंधित समस्याओं सहित अन्य विषयों पर अपनी पीड़ा साझा की। आयुक्त ने प्रत्येक प्रकरण में संबंधित तथ्यों की जानकारी ली और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि महिलाओं से जुड़े मामलों में त्वरित, निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जनसुनवाई में अवैध कब्जे का एक गंभीर मामला भी सामने आया। महिला फरियादी कुसुम सोनी ने आरोप लगाया कि पंतनगर स्थित मकान संख्या 186/2, जो नगर पालिका के अभिलेखों में उनके नाम दर्ज है, उस पर उनके ही भाई द्वारा अवैध रूप से कब्जा किया जा रहा है। फरियादी के अनुसार वे नियमित रूप से हाउस टैक्स जमा करती आ रही हैं, इसके बावजूद भाई द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत अपने हिस्से का मकान बन जाने के बाद भी उनके हिस्से को खाली नहीं किया जा रहा। महिला ने गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया तथा अवैध कब्जा हटवाने और प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की। आयुक्त ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक जांच कर विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसके अलावा, माँ पाटेश्वरी शक्ति संवाद कार्यक्रम में अनुसूचित जाति के गरीब एवं भूमिहीन पट्टेदारों की कृषि योग्य भूमि के सीमांकन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मामला भी गुणवत्तापूर्ण तरीके से निस्तारित किया गया। अपर आयुक्त न्यायिक मीनू राणा ने बताया कि ग्राम फरेंदा शुक्ल, तहसील सदर की निवासी शोभादेवी सहित दर्जनभर प्रार्थियों ने भूमि के सीमांकन के लिए प्रार्थनापत्र दिया था। प्रार्थनापत्र में उल्लेख किया गया था कि बरसात के दौरान जलमग्न स्थिति के कारण खेतों की मेड़ समाप्त हो गई, जिससे आसपास के किसानों द्वारा खेतों का रकबा बढ़ा लिया गया। सीमांकन न होने के कारण रबी की बुवाई भी बाधित हो रही थी।
मंडलायुक्त के निर्देश पर उप जिलाधिकारी सदर द्वारा तहसीलदार गोण्डा सदर से मामले की जांच कराई गई, जिसके उपरांत संबंधित भूमि का विधिवत सीमांकन कराया गया। साथ ही सभी पट्टेदारों को मौके पर कब्जा भी दिलाया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कमजोर एवं वंचित वर्गों से जुड़े भूमि संबंधी मामलों में नियमों के अनुरूप त्वरित और न्यायसंगत कार्रवाई की जा रही है, ताकि उन्हें उनके अधिकार समय पर मिल सकें। जनसुनवाई के अंत में आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त सभी शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और फरियादियों को कार्रवाई की प्रगति से अवगत कराया जाए, ताकि आमजन का प्रशासन पर विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो सके।
