गौतमबुद्धनगर: धूम मानिकपुर मंडल में भव्य हिन्दू सम्मेलन: संघ के 100 वर्ष और ‘पंच परिवर्तन’ पर गहन मंथन, राष्ट्र निर्माण का लिया संकल्प!!
दो टूक// गौतमबुद्ध नगर। धूम मानिकपुर मंडल में आयोजित भव्य हिन्दू सम्मेलन में समाज के विभिन्न वर्गों की उल्लेखनीय और उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम का मुख्य केंद्र राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में उसके योगदान पर विमर्श और “पंच परिवर्तन” विषय पर व्यापक चर्चा रहा। सम्मेलन में राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक जागरण जैसे विषयों पर गंभीर मंथन हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री रमेश चन्द्र जी ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने एक शताब्दी की अपनी यात्रा में राष्ट्र जीवन के विविध आयामों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि संघ ने समाज में संगठन, अनुशासन और सेवा भाव की भावना को सशक्त किया है।
उन्होंने “पंच परिवर्तन”—व्यक्तिगत आचरण में शुचिता, सामाजिक समरसता का विस्तार, पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता, स्वदेशी भावना को बढ़ावा तथा पारिवारिक मूल्यों के संरक्षण—को वर्तमान समय की आवश्यकता बताया। उनके अनुसार यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में इन पांच बिंदुओं को आत्मसात कर ले, तो समाज और राष्ट्र दोनों का समग्र विकास संभव है।
विशिष्ट अतिथि महेश शर्मा जी, पुजारी शिव मंदिर, ने भारतीय संस्कृति के मूल तत्वों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्कार और परिवार व्यवस्था भारतीय जीवन पद्धति की आत्मा हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे आधुनिकता के साथ-साथ अपनी जड़ों से जुड़े रहें और आध्यात्मिकता तथा नैतिक मूल्यों को जीवन का आधार बनाएं। उनका कहना था कि मजबूत परिवार और सुदृढ़ संस्कार ही सशक्त समाज का निर्माण करते हैं।
सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे श्री धनेश शर्मा जी ने सभी अतिथियों, कार्यकर्ताओं और उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य करते हैं और राष्ट्रहित में सामूहिक चेतना को प्रबल बनाते हैं।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित जनसमूह ने राष्ट्र की एकता, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया। सम्मेलन का वातावरण पूरे समय उत्साह, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत रहा।।
