मंगलवार, 20 जनवरी 2026

गौतमबुद्धनगर: बाल सुरक्षा को लेकर SJPU की मासिक समन्वय कार्यशाला आयोजित!!

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गौतमबुद्धनगर: बाल सुरक्षा को लेकर SJPU की मासिक समन्वय कार्यशाला आयोजित!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक:: गौतमबुद्धनगर। पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में बाल सुरक्षा और किशोर न्याय से जुड़े मामलों को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से विशेष किशोर पुलिस इकाई (SJPU) की मासिक समन्वय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर श्रीमती लक्ष्मी सिंह के निर्देशन एवं डीसीपी महिला सुरक्षा श्रीमती शैव्या गोयल के नेतृत्व में पुलिस आयुक्त कार्यालय, सेक्टर-108 नोएडा स्थित ऑडिटोरियम में संपन्न हुई।

कार्यशाला में थाना एएचटी/एसजेपीयू प्रभारी सहित जनपद के सभी थानों में नामित बाल कल्याण पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान किशोर न्याय (बालकों की देखरेख व संरक्षण) अधिनियम 2015, पोक्सो एक्ट तथा महिला व बाल सुरक्षा संगठन, उत्तर प्रदेश द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही अनुसंधान से संबंधित व्यावहारिक समस्याओं और उनके समाधान पर भी मंथन किया गया।

कार्यशाला में गुमशुदा बच्चों के मामलों, बाल श्रम, बाल विवाह, बाल भिक्षावृत्ति की रोकथाम, पीड़ित बच्चों के आवासन, पोक्सो मामलों में 24 घंटे के भीतर बाल कल्याण समिति को सूचना देने, फार्म-ए, फार्म-बी एवं एसबीआर रिपोर्ट समय से प्रेषित करने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष जोर दिया गया। इसके अलावा किशोर न्याय अधिनियम 2015 में हुए नवीनतम संशोधनों, सामाजिक पृष्ठभूमि रिपोर्ट तैयार करने तथा पोक्सो मामलों में अभियुक्तों को मिली जमानत की सूचना समयबद्ध रूप से बाल कल्याण समिति एवं पीड़ित पक्ष तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।

कार्यशाला में डीसीपी महिला सुरक्षा श्रीमती शैव्या गोयल, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री के.सी. बिरमानी, सहायक पुलिस आयुक्त महिला सुरक्षा श्रीमती दीक्षा सिंह, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. टीकमलाल, सहायक श्रमायुक्त श्री सुयश पाण्डेय, बाल कल्याण समिति के सदस्य श्री दिलीप कुमार मिश्रा एवं श्रीमती रीतू सिंह, तथा चाइल्ड हेल्पलाइन के कोऑर्डिनेटर श्री मौ. अदनान सहित कई अधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने बाल सुरक्षा से जुड़े कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

इसके साथ ही कमिश्नरेट क्षेत्र में गुमशुदा बच्चों और पोक्सो एक्ट से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा की गई तथा संबंधित आदेशों के सख्त अनुपालन और जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए। कार्यशाला के दौरान उपस्थित पुलिसकर्मियों के सवालों का समाधान कर उन्हें व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

इस मासिक कार्यशाला के माध्यम से बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों को किशोर न्याय अधिनियम, पोक्सो एक्ट एवं बाल सुरक्षा से जुड़े कानूनों की गहन जानकारी दी गई, जिससे भविष्य में पीड़ित बच्चों को समयबद्ध और प्रभावी न्याय सुनिश्चित किया जा सके।।