मंगलवार, 20 जनवरी 2026

गौतमबुद्धनगर: युवराज मेहता मौत मामला: SIT गठन के बाद पहली गिरफ्तारी, बिल्डर अभय कुमार सिंह अरेस्ट, लापरवाही की परतें खुलनी शुरू!!

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गौतमबुद्धनगर: युवराज मेहता मौत मामला: SIT गठन के बाद पहली गिरफ्तारी, बिल्डर अभय कुमार सिंह अरेस्ट, लापरवाही की परतें खुलनी शुरू!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक:: नोएडा के सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पहली गिरफ्तारी कर ली है। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र से नामजद बिल्डर और एमजेड विसटाउन के मालिक अभय कुमार सिंह को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी तीन सदस्यीय SIT के गठन के बाद हुई, जिसके बाद पुलिस-प्रशासन पूरी तरह हरकत में नजर आया।

युवराज मेहता की मौत को लेकर उनके पिता राजकुमार मेहता की शिकायत पर नॉलेज पार्क थाने में FIR दर्ज की गई थी। इस FIR में दो बिल्डरों—एमजेड विसटाउन और लोटस ग्रीन—को नामजद किया गया था। प्रारंभिक जांच में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद पुलिस ने यह अहम कदम उठाया। वहीं, मामले में नोएडा अथॉरिटी के एक जेई को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जांच में प्रथम दृष्टया यह सामने आया है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई, जिसकी कीमत एक युवा इंजीनियर को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। SIT के गठन के बाद मामले की जांच तेज कर दी गई है और आने वाले दिनों में अन्य जिम्मेदार लोगों पर भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

रेस्क्यू ऑपरेशन में बड़ा खुलासा
मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे NDRF और गोताखोरों की टीम दोबारा मौके पर पहुंची। घटना वाले दिन युवराज का शव तो बरामद हो गया था, लेकिन उनकी कार पानी में फंसी रह गई थी। करीब तीन घंटे चले सर्च ऑपरेशन के बाद गोताखोरों ने कार को खोज निकाला। बताया जा रहा है कि युवराज की कार दो बेसमेंट के बीच फंसी हुई थी, जिसे निकालने की तैयारी की जा रही है। यह तथ्य जांच में अहम भूमिका निभा सकता है।

CM योगी सख्त, SIT को 5 दिन का अल्टीमेटम
इंजीनियर युवराज मेहता की मौत को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। उनके निर्देश पर एडीजी जोन मेरठ भानु भास्कर के नेतृत्व में तीन सदस्यीय SIT गठित की गई है। SIT में मेरठ मंडल के कमिश्नर और PWD के चीफ इंजीनियर को भी शामिल किया गया है। टीम को पांच दिन के भीतर जांच पूरी कर मुख्यमंत्री को रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

नोएडा प्राधिकरण में घंटों पूछताछ
मंगलवार को SIT अध्यक्ष एडीजी भानु भास्कर ने मौके का निरीक्षण किया। इस दौरान नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह, जॉइंट सीपी राजीव नारायण मिश्र सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। नोएडा प्राधिकरण में अधिकारियों से घंटों पूछताछ की गई और दस्तावेजों की गहन जांच की गई। SIT ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट भी तैयार कर ली है।

फिलहाल, बिल्डर की गिरफ्तारी के बाद यह मामला और भी गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। अब सबकी नजर SIT की अंतिम रिपोर्ट और आगे होने वाली गिरफ्तारियों पर टिकी है।।