लखनऊ :
परिवहन विभाग ने स्काउट्स और NCC कैडेट्स को सिखाए सड़क सुरक्षा के गुर।
दो टूक : यातायात के ‘रक्षक’ बनेंगे युवा स्लोगन के साथ परिवहन विभाग द्वारा प्रदेश भर के जिलों और संभाग स्तर पर यातायात नियमों की जागरूकता के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला, आपदा प्रबंधन विभाग, एनसीसी और स्वयंसेवी संस्थाओं के समन्वय से अभियान चलाया जा रहा है।
विस्तार :
परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और ‘कैशलेस उपचार’ जैसी योजनाओं के प्रति जनता को जागरूक किया जा रहा है।
प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और जनहानि को न्यूनतम करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा माह (01 जनवरी-31 जनवरी) के अंतर्गत व्यापक जन-जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर के विभिन्न जिलों और संभाग स्तर पर प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में आपदा मित्र, सिविल डिफेंस, एनसीसी कैडेट्स, स्वयंसेवी संस्था CIA, डीलर्स एसोसिएशन और स्काउट्स एंड गाइड्स के साथ-साथ यातायात पुलिस के साथी शामिल हुए। जिसमें सभी को यातायात नियमों के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया और नियमों के संबंध में जानकारी दी गई।
●सुरक्षित सफर के लिए जरूरी जागरुकता ।
परिवहन मंत्री ने बताया कि कार्यशाला में नियमों के बारे में जानकारी दी गई,कि दुपहिया वाहनों पर चालक और पीछे बैठी सवारी, दोनों के लिए BIS मानक वाले हेलमेट अनिवार्य हैं। चौपहिया वाहनों में सभी यात्रियों के लिए सीट बेल्ट लगाना आवश्यक है। परिवहन मंत्री ने अपील की कि वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग न करें और नशे की स्थिति में ड्राइविंग से बचें। स्टंट, रैश ड्राइविंग और ओवरस्पीडिंग के बजाय धैर्यपूर्वक वाहन चलाएं। कोहरे में फॉग लाइट का प्रयोग करें और वाहनों पर रिफ्लेक्टर जरूर लगवाएं।
आपकी मदद से बच सकती घायल की जान ।
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि कार्यशाला के दौरान शामिल सहभागियों को सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों के लिए उपलब्ध ‘कैशलेस उपचार सुविधा’ और ‘राहवीर योजना’ (Good Samaritan Law) के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी जा रही है, ताकि समय पर मदद पहुंचाकर जान बचाई जा सके।
नियम तोड़ने वालों के विरुद्ध जारी कार्रवाई ।
परिवहन आयुक्त श्रीमती किंजल सिंह ने बताया कि प्रदेशभर में सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर परिवहन विभाग द्वारा निरंतर प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है। 01 जनवरी से लेकर 21 जनवरी तक हेलमेट न पहनने पर 49,500, सीट बेल्ट का प्रयोग न करने पर 11,740, ओवर स्पीडिंग पर 15,180, वाहन चलाते समय मोबाइल फ़ोन उपयोग पर 4,164, नशे की अवस्था में वाहन चलाने पर 304 तथा गलत दिशा में वाहन चलाने पर 5,546 चालान किए गए हैं।
नो हेलमेट नो फ्यूल ।
परिवहन आयुक्त ने बताया कि अभियान के तहत हेलमेट के बिना ईंधन न देने की व्यवस्था तथा अवैध पार्किंग एवं अनफ़िट वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई भी निरंतर जारी है। अब तक 89,992 से अधिक चालानी कार्रवाई की जा चुकी है।
सम्पर्क सूत्र- आशीष सिंह
