बुधवार, 14 जनवरी 2026

लखनऊ :पुलिस बनी बुजुर्ग महिला का सहारा,इलाज का उठाया जिम्म।।||Lucknow:Police become a lifeline for an elderly woman, taking responsibility for her treatment.||

शेयर करें:
लखनऊ :
पुलिस बनी बुजुर्ग महिला का सहारा,इलाज का उठाया जिम्म।।
●कूल्हा टूटने से बुजुर्ग महिला लाचार।
 दो टूक : राजधानी लखनऊ के तहसील
मोहनलालगंज के थाना गोसाईगंज क्षेत्र के एक गांव से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है।सदरपुर करोरा के बाजार वार्ड में स्थित घर में गिरने से एक बेबस बुजुर्ग मां कौशल्या का कूल्हा टूट गया। जिस बेटे रामगुलाम को उसने कोख में नौ महीने रखकर जन्म दिया, उसी ने मां के इलाज की जिम्मेदारी उठाने के बजाय उसे तिल-तिल मरने के लिए छोड़ दिया। इतना ही नहीं, बेटे ने मां के जेवरात और जमा पैसे भी अपने पास रख लिए।असहाय बुजुर्ग महिला दर्द से कराहती हुई मंगलवार को छोटे बेटे राजेश के साथ रिक्शा-ठेलिया से किसी तरह गोसाईगंज थाने पहुंची, ताकि अपनी पीड़ा पुलिस को बता सके और बड़े बेटे द्वारा अपने पास रक्खे जेवरात लेकर अपना इलाज करा सके। थाने पर मौजूद प्रभारी निरीक्षक डी के सिंह से जब बुजुर्ग की दयनीय हालत देखी तो वे खुद को रोक नहीं सके। उन्होंने बुजुर्ग महिला के सिर पर स्नेह से हाथ फेरते हुए भावुक स्वर में कहा— “आप मेरी मां जैसी हैं, अब आपका इलाज आपका यह बेटा कराएगा।”
इसके बाद प्रभारी निरीक्षक डी के सिंह ने तुरंत एम्बुलेंस मंगवाई और बुजुर्ग महिला को मोहनलालगंज कस्बा स्थित एक निजी हड्डी के अस्पताल भेजा। उन्होंने डॉक्टर को फो‌न कर बुजुर्ग महिला के इलाज में आने वाले पूरे खर्च को स्वयं उठाने की बात कही।जिसके बाद अस्पताल में बुजुर्ग महिला कौशल्या को भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया है, जिससे उसकी हालत में धीरे-धीरे सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रभारी निरीक्षक डी के सिंह इससे पहले भी कई बार गरीबों, असहायों और बुजुर्गों की मदद कर इंसानियत की मिसाल पेश कर चुके हैं। जहां एक ओर कलयुगी बेटे ने मां को ठुकरा दिया, वहीं दूसरी ओर पुलिस अफसर ने बेटे से बढ़कर फर्ज निभाकर समाज के सामने मानवता का उजला चेहरा रख दिया।