शनिवार, 10 जनवरी 2026

लखनऊ : सवा करोड़ की बेशकीमती सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा।||Lucknow:Illegal encroachment on valuable government land worth Rs 1.25 crore.||

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लखनऊ : 
सवा करोड़ की बेशकीमती सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा।
दो टूक : राजधानी लखनऊ के तहसील मोहनलालगंज क्षेत्र भगवानपुर गॉव कीमती जमीन पर अवैध कब्जा मामले पर पूर्व प्रधान को प्रशासन का सख्त नोटिस,अवैध दुकानों व बहुमंजिला भवन को स्वयं ढहाने के आदेश, 5.75 लाख की क्षतिपूर्ति भी जमा करनी होगी।
विस्तार:
लखनऊ जनपद के मोहनलालगंज तहसील क्षेत्र के भगवानपुर गांव में रायबरेली हाइवे किनारे स्थित सवा करोड़ रुपये मूल्य की बेशकीमती सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का गंभीर मामला सामने आया है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद हुई जांच में कब्जा सिद्ध होने पर तहसील प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए अवैध कब्जाधारी व पूर्व प्रधान अंकुर मिश्रा को नोटिस जारी किया है। प्रशासन ने नोटिस में अवैध कब्जा हटाने, दुकानों समेत निर्मित बहुमंजिला भवन को स्वयं ढहाने और क्षतिपूर्ति के रूप में 5 लाख 75 हजार रुपये राजकोष में जमा करने के आदेश दिए हैं।नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित तिथि 12 जनवरी तक आदेश का अनुपालन नहीं किया गया तो तहसील प्रशासन स्वयं कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को ध्वस्त कराएगा, साथ ही कब्जाधारी के खिलाफ विधिक कार्रवाई भी की जाएगी।तहसीलदार रितुराज शुक्ला ने बताया कि भगवानपुर गांव में रायबरेली हाइवे से सटी गाटा संख्या-02 जो कि सरकारी अभिलेखो में बंजर भूमि दर्ज है के लगभग 0.025 हेक्टेयर भाग पर पूर्व प्रधान अंकुर मिश्रा निवासी भगवानपुर द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया था। कब्जा कर न सिर्फ दुकानों का निर्माण कराया गया, बल्कि कई मंजिला पक्का भवन भी खड़ा कर दिया गया था। यह भूमि सड़क किनारे होने के कारण अत्यंत महत्वपूर्ण और व्यावसायिक दृष्टि से मूल्यवान है।
ग्रामीणों द्वारा लगातार की जा रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए राजस्व टीम से स्थलीय जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की पुष्टि होने के बाद कब्जाई गई जमीन की बाजारू कीमत लगभग सवा करोड़ रुपये आंकी गई। इसके आधार पर तहसीलदार न्यायिक न्यायालय से अवैध कब्जा हटाने और क्षतिपूर्ति की वसूली के आदेश पारित किए गए।प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। तय समयसीमा के भीतर यदि कब्जा नहीं हटाया गया तो प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण हटवाया जाएगा और संबंधित के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।