गुरुवार, 8 जनवरी 2026

लखनऊ :छोंजिन आंगमो एवरेस्ट,एल्ब्रुस और किलिमंजारो को फतह करने वाली एकमात्र दृष्टिबाधित महिला।||Lucknow:Chhonjin Angmo is the only visually impaired woman to have conquered Everest, Elbrus, and Kilimanjaro.||

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लखनऊ :
छोंजिन आंगमो एवरेस्ट,एल्ब्रुस और किलिमंजारो को फतह करने वाली एकमात्र दृष्टिबाधित महिला।
दो टूक :  यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की कर्मचारी और दृष्टिबाधित पर्वतारोही छोंजिन आंगमो द्वारा अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो (5,895 मीटर) पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर ली गई है. माउंट एवरेस्ट और माउंट एल्ब्रुस को फतह करने वाली एकमात्र दृष्टिबाधित महिला के तौर पर पहले से ही विश्व रिकॉर्ड धारक आंगमो ने अब अपनी ऐतिहासिक उपलब्धियों की सूची में "रूफ ऑफ अफ्रीका" को भी शामिल कर लिया है. यूनियन बैंक ऑफ इंडिया उन्हें इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए बधाई देता है.
यह चढ़ाई बेहद खराब और अप्रत्याशित मौसम की स्थिति में पूरी की गई, जिससे इस चढ़ाई का महत्व और भी बढ़ गया. हालांकि माउंट किलिमंजारो को अक्सर ट्रेकिंग वाला पहाड़ माना जाता है, लेकिन इस अभियान के दौरान चढ़ाई मुश्किल साबित हुई. लेमोशो रूट से चढ़ाई करते समय टीम को भारी बर्फबारी, बहुत ज़्यादा ठंड और खराब विजिबिलिटी का सामना करना पड़ा. इन चुनौतियों के बावजूद, आंगमो ने शिखर तक पहुंचने के लिए ज़बरदस्त जोश दर्शाया.
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया द्वारा छोंजिन आंगमो को पूरा वित्तीय सहयोग देकर इस अभियान में उनकी सहायता की गई. इस चढ़ाई को बूट्स एंड क्रैम्पन्स, एक प्रमुख पर्वतारोहण और अभियान कंपनी द्वारा तकनीकी सहायता प्रदान की गई. गाइड की विशेषज्ञता के साथ-साथ आंगमो के साहस, दृढ़ संकल्प और व्यापक पर्वतारोहण अनुभव ने खतरनाक परिस्थितियों के बावजूद एक सुरक्षित और सफल शिखर पर पहुँचना सुनिश्चित किया.
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर के ऊबड़-खाबड़ इलाके से आने वाली आंगमो, दिव्यांग समुदाय के लिए दुनिया भर में एक प्रेरणा बनकर उभरी हैं. हर अभियान के साथ, वह पुरानी सोच को चुनौती देती हैं और "विज़न" का मतलब पुनः दौहराती हैं, यह साबित करते हुए कि यह सिर्फ़ नज़र तक ही सीमित नहीं है, बल्कि हिम्मत, लगन और खुद पर अटूट विश्वास पर आधारित है. 
अपनी सफल किलिमंजारो समिट के साथ, आंगमो दुनिया को एक मज़बूत संदेश देती हैं: सीमाएं तभी होती हैं जब कोई विश्वास करना बंद कर देता है.