मऊ :
सड़क दुर्घटना से संबंधित हॉटस्पॉट के पास अस्पताल के डॉक्टर्स संग DM ने की बैठक।
दो टूक : जिलाधिकारी ने राहगीर योजना के तहत गोल्डन ऑवर में सड़क दुर्घटना में घायल को पहुंचाएं अस्पताल,पाए 25000 रुपए का इनाम:- जिला अधिकारी।
ओवर स्पीडिंग के कारण 70% सड़क दुर्घटनाएं,18 से 45 वर्ष के मृतकों की संख्या 60% से अधिक है।
विस्तार:
मऊ जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र ने समस्त पंजीकृत चिकित्सालय एवं राजकीय एवं निजी चिकित्सा संस्थानों तथा सड़क दुर्घटना से संबंधित हॉटस्पॉट के नजदीकी चिकित्सालय्यों के डॉक्टर के साथ कैशलैस ट्रीटमेंट ऑफ रोड एक्सीडेंट विक्टिम्स स्कीम (सीटीआरएबी 2025) से संबंधित प्रशिक्षण दिए जाने के संबंध में आज कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक की। सीटीआरएबी स्कीम की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की योजना के तहत रोड एक्सीडेंट में घायल व्यक्तियों के इलाज हेतु डेढ़ लाख रुपए अथवा एक सप्ताह तक इलाज किसी भी सरकारी या प्राइवेट प्राइवेट अस्पताल में कराया जा सकता है। इस योजना के तहत इलाज का खर्च जिला सड़क सुरक्षा समिति डेढ़ लाख तक करेगी। उन्होंने समस्त प्राइवेट अस्पतालों एवं सरकारी अस्पतालों से यह सुनिश्चित करने को कहा की रोड एक्सीडेंट में घायलों का तत्काल इलाज हो। खर्च की चिंता ना करें, उसे आपको उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा दुर्घटना के उपरांत गोल्डन आवर में इलाज शुरू होने से कई व्यक्तियों की जान बचाई जा सकती है। इसके लिए विशेष प्रयास करें। उन्होंने समस्त स्वास्थ्य अधीक्षको को भी घायलों द्वारा प्राइवेट अस्पताल में इलाज हेतु सहमति देने पर तत्काल अच्छे प्राइवेट हॉस्पिटलों में रेफर करने के निर्देश दीजिए, जिससे प्राथमिकता के आधार पर घायलों का जीवन बचाया जा सके। राहगीर योजना की चर्चा करते हुए उन्होंने समस्त जनपद वासियों से सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचने की अपील की जिससे उनका समय से इलाज होने पर उनकी जान को बचाया जा सके। उन्होंने बताया कि गालों को अस्पताल पहुंचाने वालों से किसी भी प्रकार का कोई सवाल जवाब नहीं किया जाएगा ना ही उन्हें किसी भी कानूनी परेशानी का सामना करना होगा। उन्होंने समस्त सरकारी एवं प्राइवेट अस्पतालों को इस राहगीर योजना का प्रचार प्रसार करने को भी कहा तथा घायलों को अस्पताल पहुंचाने वालों का पूरा डिटेल रखने के भी निर्देश दिए जिससे उन्हें इस योजना के तहत मिलने वाले ₹25000 से पुरस्कृत किया जा सके। बैठक के दौरान गत वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में 45 प्रतिशत से अधिक बाइक चालकों की मौत होती है, जिसमें 60% से अधिक 18 से 45 वर्ष आयु के होते हैं जो की ओवर स्पीडिंग के कारण सड़क दुर्घटना में अपनी जान गंवा देते हैं। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण ओवर स्पीडिंग है जिसके कारण लगभग 70% सड़क दुर्घटनाएं होती है। ज्यादातर मामलों में बाइक चालकों द्वारा हेलमेट न पहनने के कारण मौत हो जाती है। जिलाधिकारी कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में मरने वाले ज्यादातर घर, परिवार, समाज के प्रोडक्टिव वर्ग होते हैं जिनसे अर्थव्यवस्था पर भी बुरा असर पड़ता है।बैठक के दौरान ही सड़क दुर्घटनाओं में होने वाले मौतों को कम करने के संबंध में उन्होंने उपस्थित डॉक्टर से भी जानकारी ली। इस दौरान शारदा नारायण हॉस्पिटल के डॉक्टर संजय सिंह ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में ज्यादातर मौतें सिर में चोट लगने के कारण होती है। इसे नजरअंदाज करना जानलेवा साबित हो सकता है। उन्होंने बताया कि सिर में हल्की चोट को कनक्शन कहते हैं जो सिर पर झटका या टकराने से होता है। स्कल फैक्चर में सिर की हड्डी टूट जाती है, जिससे टूटी हुई हड्डी मस्तिष्क को नुकसान पहुंचाता है।मस्तिष्क के अंदर खून का थक्का जमने को हेमेटोमा कहते हैं।डिफ्यूज एक्ज़ोनाल इंजरी मस्तिष्क के गहरे ऊतकों को नुकसान पहुंचती है।यह अक्सर तेज रफ्तार वाले एक्सीडेंट में होता है, इससे बचाव के संदर्भ में डॉक्टर संजय सिंह ने बताया कि दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का प्रयोग अति आवश्यक है। कार चलाने के दौरान सीट बेल्ट का भी प्रयोग करना तथा नशे में वाहन नहीं चलाना चाहिए।बैठक के दौरान ही पुलिस अधीक्षक इलमारन जी ने कहा कि रोड सेफ्टी पर जिला प्रशासन के तरफ से विशेष प्रयास हो रहा है जिसके कारण पिछले महीना में सड़क दुर्घटनाओं में कमी आई है। एमरजैंसी केयर का काम डॉक्टर लोगों का है। अगर सभी मिलजुल कर कार्य करें तो समय से घायलों का इलाज होने के कारण उनकी जान को भी बचाया जा सकता है। अगर सभी लोग एक टीम के रूप में काम करें, समन्वय स्थापित करके काम करें तो सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के साथ ही साथ स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से इनमें होने वाली मौतों में भी कमी लाई जा सकती है। इस दौरान सीएमओ डॉक्टर संजय गुप्ता, एसीएमओ डॉक्टर आर एन सिंह, महिला चिकित्सालय के सीएमएस सहित समस्त स्वास्थ्य अधीक्षक एवं जनपद के प्रमुख अस्पतालों के डॉक्टर्स उपस्थित रहे।
