मंगलवार, 6 जनवरी 2026

गौतमबुद्धनगर: नोएडा में अवैध निर्माण पर सख्ती, 2745 करोड़ की जमीन अतिक्रमण मुक्त!!

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गौतमबुद्धनगर: नोएडा में अवैध निर्माण पर सख्ती, 2745 करोड़ की जमीन अतिक्रमण मुक्त!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक:: नोएडा।
नोएडा के अधिसूचित क्षेत्र में लगातार हो रहे अवैध एवं अनधिकृत निर्माणों को नोएडा प्राधिकरण ने अत्यंत गंभीरता से लेते हुए भूमाफियाओं और अतिक्रमणकर्ताओं के विरुद्ध सख्त रुख अपनाया है। प्राधिकरण द्वारा ऐसे अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने, सील करने तथा दोषियों के खिलाफ संयुक्त अभियान के तहत कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं।

नोएडा प्राधिकरण द्वारा समय-समय पर चलाए गए व्यापक अभियानों के परिणामस्वरूप वर्ष 2024-25 में कुल 2,15,912 वर्ग मीटर तथा वर्ष 2025-26 में अब तक 23,93,158 वर्ग मीटर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। अतिक्रमण से मुक्त कराई गई इस भूमि की बाजारू अनुमानित कीमत लगभग 2745 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह कार्रवाई अर्जित भूमि, कब्जा प्राप्त भूमि एवं डूब क्षेत्र की भूमि पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ की गई।

अवैध अतिक्रमण एवं अनधिकृत निर्माण गतिविधियों में सलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध संबंधित पुलिस थानों में अब तक लगभग 25 एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी हैं। वहीं, नोएडा प्राधिकरण के जिन कर्मियों की संलिप्तता इन अवैध गतिविधियों में पाई गई, उनके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए न केवल जांच संस्थित की गई, बल्कि उन्हें सेवा से अवमुक्त करने एवं वेतन रोके जाने जैसी सख्त दंडात्मक कार्रवाई भी की गई।

वर्तमान समय में नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र में 174 अतिक्रमणकर्ताओं के विरुद्ध 527 नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त, प्राधिकरण द्वारा विभिन्न समाचार पत्रों के माध्यम से तथा साइन बोर्ड और सूचना पट्ट लगाकर आमजन को लगातार सतर्क किया जा रहा है।

नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने जनसामान्य को स्पष्ट रूप से आगाह किया है कि वे अधिसूचित क्षेत्र में काटी जा रही अवैध कॉलोनियों एवं बिना अनुमति बनाए जा रहे बहुमंजिला भवनों के झांसे में न आएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नोएडा के अधिसूचित क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण पूर्णतः वर्जित है

मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि डूब क्षेत्र एवं अधिसूचित क्षेत्रों में हो रहे अवैध एवं अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ निरंतर और तेज गति से अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।।