सोमवार, 19 जनवरी 2026

गौतमबुद्धनगर: नोएडा इंजीनियर मौत केस में प्रशासनिक भूचाल: CM योगी ने बनाई SIT, CEO नोएडा व मेट्रो एमडी हटाए गए!!

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गौतमबुद्धनगर: नोएडा इंजीनियर मौत केस में प्रशासनिक भूचाल: CM योगी ने बनाई SIT, CEO नोएडा व मेट्रो एमडी हटाए गए!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

लखनऊ/नोएडा।
दो टूक:: ग्रेटर नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस गंभीर हादसे का संज्ञान लेते हुए तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है और साथ ही प्रशासनिक जिम्मेदारी तय करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए नोएडा प्राधिकरण के सीईओ और नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (NMRC) के प्रबंध निदेशक को उनके पद से हटा दिया गया है। सीईओ एम. लोकेश को सरकार ने वेटिंग में डाल दिया है।

मुख्यमंत्री योगी ने गठित की तीन सदस्यीय SIT

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए तीन सदस्यीय SIT गठित की है। इस SIT का नेतृत्व मंडलायुक्त मेरठ कर रहे हैं, जबकि टीम में एडीजी जोन मेरठ और मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग (PWD) को शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि SIT को 5 दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट सौंपनी होगी।

सेक्टर-150 हादसा: कैसे गई एक युवा इंजीनियर की जान

यह दर्दनाक हादसा शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 क्षेत्र में हुआ था। इंजीनियर युवराज मेहता जब अपनी कार से घर लौट रहे थे, तभी उनकी गाड़ी सड़क किनारे बने लगभग 70 फीट गहरे और पानी से भरे गड्ढे में जा गिरी। बताया जा रहा है कि घटनास्थल पर न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग थी और न ही कोई चेतावनी बोर्ड, जिससे हादसा टल नहीं सका।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह साफ

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार युवराज मेहता की मौत दम घुटने और हार्ट फेलियर से हुई है। डॉक्टरों की टीम ने उनके फेफड़ों से करीब 3.5 लीटर पानी निकाला है। रिपोर्ट में बताया गया है कि ठंडे पानी में फंसे रहने के कारण उनकी सांसें रुक गईं और ऑक्सीजन सप्लाई बाधित हो गई, जिससे कार्डियक अटैक आया।

दो बिल्डर कंपनियों पर FIR, JE निलंबित

मामले में लापरवाही सामने आने के बाद प्रशासन ने MJ WISHTOWN PLANNER LIMITED और LOTUS GREEN CONSTRUCTION PRIVATE LIMITED के खिलाफ नॉलेज पार्क थाना में एफआईआर दर्ज की है। इसके साथ ही नोएडा ट्रैफिक सेल के जूनियर इंजीनियर नवीन कुमार को निलंबित कर दिया गया है, जिन पर क्षेत्र में यातायात और सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी थी।

जनआक्रोश के बाद तेज हुई कार्रवाई

इंजीनियर की मौत के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोगों ने कैंडल मार्च निकालकर प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। बढ़ते दबाव और जनभावनाओं को देखते हुए सरकार ने मामले में तेजी से कदम उठाए हैं।

मुख्यमंत्री का सख्त संदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कहा है कि जन सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने संकेत दिए हैं कि SIT की रिपोर्ट के आधार पर और भी बड़े प्रशासनिक और कानूनी फैसले लिए जा सकते हैं।

SIT रिपोर्ट पर टिकी निगाहें

अब पूरे प्रदेश की नजर SIT की जांच रिपोर्ट पर है। यह रिपोर्ट तय करेगी कि इस हादसे के लिए किन अधिकारियों, विभागों और निर्माण एजेंसियों की जिम्मेदारी बनती है और आगे कार्रवाई किस स्तर तक जाती है।