गुरुवार, 22 जनवरी 2026

गौतमबुद्धनगर: स्कूल वाहनों की सुरक्षा पर परिवहन विभाग का बड़ा एक्शन, नियम तोड़े तो प्रबंधक-प्रधानाचार्य की तय होगी व्यक्तिगत जिम्मेदारी!!

शेयर करें:

गौतमबुद्धनगर: स्कूल वाहनों की सुरक्षा पर परिवहन विभाग का बड़ा एक्शन, नियम तोड़े तो प्रबंधक-प्रधानाचार्य की तय होगी व्यक्तिगत जिम्मेदारी!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

गौतमबुद्धनगर।
दो टूक:: जनपद के सभी विद्यालयों में संचालित स्कूल वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर परिवहन विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। विद्यार्थियों की जान से किसी भी तरह का समझौता न हो, इसके लिए विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि परिवहन नियमों का उल्लंघन पाया गया तो सीधे विद्यालय प्रबंधक या प्रधानाचार्य को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार माना जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी विधिक कार्रवाई की जाएगी।

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) डॉ. उदित नारायण पांडे ने बताया कि जिले के सभी विद्यालयों को निर्देशित किया गया है कि वे स्कूल वाहनों से जुड़े सभी कानूनी और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करें। प्रत्येक स्कूल वाहन के पास वैध परमिट, फिटनेस सर्टिफिकेट, बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र (पीयूसी) तथा चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना अनिवार्य है।

इसके अलावा सभी स्कूल वाहनों में जीपीएस सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे, फायर एक्सटिंग्विशर, फर्स्ट एड बॉक्स, सीट बेल्ट और आपातकालीन निकास की समुचित व्यवस्था करना जरूरी होगा। चालक और परिचालक का पुलिस सत्यापन, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक प्रशिक्षण भी अनिवार्य किया गया है। छात्राओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए महिला परिचालक की तैनाती को भी अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

परिवहन विभाग ने प्रत्येक विद्यालय में विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति के गठन और उसकी मासिक बैठकों को अनिवार्य कर दिया है, ताकि समय-समय पर सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा सके और किसी भी कमी को तुरंत दूर किया जा सके।

विभाग ने साफ तौर पर कहा है कि यदि किसी दुर्घटना या आपराधिक घटना में विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही साबित होती है, तो संबंधित प्रबंधक या प्रधानाचार्य के विरुद्ध आपराधिक, प्रशासनिक एवं विधिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, गंभीर मामलों में विद्यालय की मान्यता निरस्त करने की संस्तुति भी की जा सकती है।

परिवहन विभाग के इस सख्त फैसले के बाद जिले के विद्यालय प्रबंधन में हलचल मच गई है और स्कूल वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। यह कदम बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा और अहम निर्णय माना जा रहा है।।