गोण्डा- जिला पंचायत सभागार में जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में जनपद की टेढ़ी नदियों के साफ- सफाई, पुनर्जीवन, जीर्णोद्धार तथा सुरक्षित क्षेत्रफल सुनिश्चित किए जाने के संबंध में समीक्षा बैठक आज आयोजित की गई। बैठक में संबंधित तहसीलों के उपजिलाधिकारी, नदियों से जुड़े क्षेत्रों के राजस्व निरीक्षक एवं लेखपाल उपस्थित रहे। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि टेढ़ी नदियां जनपद की प्राकृतिक धरोहर हैं, जिनका संरक्षण एवं संवर्धन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि नदियों की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि जल प्रवाह बाधित न हो और पर्यावरण संतुलन बना रहे। साथ ही नदियों में हो रहे अतिक्रमण को गंभीरता से लेते हुए चिन्हांकन कर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने पुनर्जीवन एवं जीर्णोद्धार कार्यों पर विशेष बल देते हुए कहा कि नदियों के पुराने प्रवाह मार्गों की पहचान कर उन्हें पुनः सक्रिय किया जाए। इसके लिए संबंधित राजस्व अभिलेखों का गहन अध्ययन कर सुरक्षित क्षेत्रफल का निर्धारण किया जाए, जिससे भविष्य में किसी प्रकार का अवैध निर्माण या अतिक्रमण न हो सके। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित समयसीमा में रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
बैठक में यह भी कहा गया कि नदियों के किनारे स्थित ग्रामों में जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को नदियों के महत्व, स्वच्छता एवं संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाए।
जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने कहा कि नदियों के संरक्षण से न केवल जल संसाधनों में वृद्धि होगी, बल्कि कृषि, पर्यावरण एवं जनस्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी लेखपाल एवं राजस्व निरीक्षक अपने क्षेत्रों में नदियों से संबंधित समस्त जानकारी अद्यतन रखें और आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन को तत्काल अवगत कराएं।
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों से अपेक्षा व्यक्त की कि जनपद की टेढ़ी नदियों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं पुनर्जीवित करने के लिए पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए इन प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
