गाजियाबाद में गुर्जर समाज की चिंतन बैठक, संगठनात्मक मजबूती पर हुआ मंथन!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक:: गाजियाबाद में अखिल भारतीय गुर्जर महासभा की एक महत्वपूर्ण चिंतन बैठक एवं स्वागत समारोह का भव्य आयोजन किया गया। 11 जनवरी 2025 को महासभा के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री हरिश्चंद्र भाटी के गाजियाबाद आगमन पर समाज के लोगों ने जगह-जगह पुष्प मालाओं, ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक तरीके से जोरदार स्वागत किया।
इंदिरापुरम स्थित पंचवटी फार्म में दीपक नागर, कनावनी के हातम सिंह द्वार पर दिनेश नागर तथा श्याम पार्क में बलराज कसाना के नेतृत्व में भव्य स्वागत कार्यक्रम आयोजित हुए। इसके पश्चात भोपुरा स्थित आशीर्वाद फार्म में गुर्जर समाज की वर्तमान दिशा और दशा पर केंद्रित चिंतन बैठक एवं स्वागत समारोह का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता तेजपाल प्रधान ने की। कार्यक्रम का सफल संचालन महासभा के राष्ट्रीय महासचिव राजपाल कसाना द्वारा किया गया।
बैठक में मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिश्चंद्र भाटी, राष्ट्रीय महासचिव रामकेश चपराना, गौतम बुद्ध नगर के जिलाध्यक्ष अशोक भाटी, बागपत जिलाध्यक्ष कर्मवीर तोमर सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं समाज के प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने समाज के उत्थान, युवाओं की भागीदारी, शिक्षा, संगठन की मजबूती और महासभा की भावी योजनाओं पर अपने विचार रखे।
इस अवसर पर गौतम बुद्ध नगर के जिलाध्यक्ष अशोक भाटी ने संगठनात्मक गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि आने वाली 1 फरवरी को गुर्जर भवन, कोटला (दिल्ली) में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की जाएगी, जबकि 27 फरवरी को विजय सिंह पथिक स्टेडियम, ग्रेटर नोएडा में पथिक जयंती को भव्य रूप से मनाया जाएगा। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की।
अशोक भाटी ने अपने सधे हुए वक्तव्य में संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने, युवाओं को नेतृत्व से जोड़ने और समाज को एकजुट रखने पर विशेष जोर दिया। उनके प्रयासों को समाज में सकारात्मक नेतृत्व और सक्रिय कार्यशैली के रूप में सराहा गया।
कार्यक्रम में दर्जनों गांवों से आए सैकड़ों लोगों ने सहभागिता की। आयोजन समिति द्वारा सभी अतिथियों का पुष्पमाला एवं पगड़ी पहनाकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम में करतार नेताजी, गजेंद्र रेक्सवाल, विकल मावी सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य लोग मौजूद रहे।
चिंतन बैठक ने स्पष्ट संदेश दिया कि गुर्जर समाज संगठित होकर सामाजिक, शैक्षिक और राजनीतिक स्तर पर आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है।।
