शुक्रवार, 16 जनवरी 2026

गौतमबुद्धनगर: ब्लैक आउट मॉक ड्रिल की तैयारी तेज, डीएम ने की समीक्षा बैठक!!

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गौतमबुद्धनगर: ब्लैक आउट मॉक ड्रिल की तैयारी तेज, डीएम ने की समीक्षा बैठक!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक:: गौतम बुद्ध नगर, 16 जनवरी 2026।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर 23 जनवरी 2026 को शारदा यूनिवर्सिटी, ग्रेटर नोएडा में प्रस्तावित ब्लैक आउट मॉक ड्रिल को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मॉक ड्रिल के सफल आयोजन के उद्देश्य से शुक्रवार को जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर मेधा रूपम की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) एवं उप नियंत्रक नागरिक सुरक्षा विभाग प्रियंका ने ब्लैक आउट मॉक ड्रिल की संपूर्ण कार्ययोजना, प्रक्रिया और विभिन्न विभागों की भूमिका की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों की सुरक्षा, राहत एवं बचाव कार्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करना है।

उन्होंने बताया कि मॉक ड्रिल के दौरान हवाई हमले की चेतावनी के रूप में सायरन बजाया जाएगा, जिसके पश्चात निर्धारित क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित कर ब्लैक आउट किया जाएगा। इस दौरान नागरिकों द्वारा जमीन पर लेटकर सुरक्षित रहने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया जाएगा। खतरा टलने पर ‘ऑल क्लियर’ सायरन बजाकर स्थिति सामान्य होने की घोषणा की जाएगी।

मॉक ड्रिल में नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों द्वारा अग्निशमन यंत्रों से छोटी आग बुझाने, अग्निशमन विभाग द्वारा बड़ी आग पर काबू पाने, घायलों को प्राथमिक उपचार देने, गंभीर रूप से घायलों को एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाने तथा ध्वस्त भवनों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास किया जाएगा। ड्रिल की समाप्ति की औपचारिक घोषणा भी की जाएगी।

इस अभ्यास में नागरिक सुरक्षा के कम से कम 50 स्वयंसेवक, पावर कॉरपोरेशन, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीडीएमए, पुलिस प्रशासन एवं जिला प्रशासन सक्रिय रूप से भाग लेंगे। आपदा मित्रों के माध्यम से राहत एवं बचाव कार्यों का प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहयोग भी प्रदान किया जाएगा।

बैठक में जिलाधिकारी मेधा रूपम ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि मॉक ड्रिल का आयोजन पूरी तरह सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से किया जाए। उन्होंने कहा कि इस अभ्यास से आमजन को आपात स्थितियों में सतर्कता और आत्म-सुरक्षा के उपायों की जानकारी मिलेगी, जिससे किसी भी आपदा की स्थिति में जान-माल की क्षति को न्यूनतम किया जा सके।

इस अवसर पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. उबैद, जिला आपदा विशेषज्ञ ओमकार चतुर्वेदी, शारदा यूनिवर्सिटी के कर्नल सुरेंद्र सिंह सहित परिवहन विभाग, पुलिस विभाग एवं जिला प्रशासन के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।।