इलाहाबाद हाई कोर्ट की ऐतिहासिक पहल, ‘सुवास प्रकोष्ठ’ से हिन्दी में उपलब्ध होंगे न्यायिक निर्णय!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दीवानी न्यायालय परिसर में विधिक जागरूकता शिविर का सफल आयोजन
दो टूक:: गौतमबुद्धनगर | 13 जनवरी 2026
आम नागरिकों को न्याय प्रक्रिया से सीधे जोड़ने और न्यायिक निर्णयों को सहज व समझने योग्य बनाने की दिशा में माननीय उच्चतम न्यायालय एवं माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद द्वारा एक ऐतिहासिक और सराहनीय पहल की गई है। इस पहल के अंतर्गत “सुवास प्रकोष्ठ” (सुप्रीम कोर्ट विधिक अनुवाद सॉफ्टवेयर) के माध्यम से अब न्यायालयों के निर्णय हिन्दी भाषा में उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे भाषा की बाधा समाप्त होगी और न्याय आमजन तक पहुंचेगा।
इस महत्वपूर्ण पहल के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से दिनांक 13 जनवरी 2026 को दीवानी न्यायालय परिसर, गौतमबुद्धनगर के सभाकक्ष में एक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह आयोजन माननीय जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गौतमबुद्धनगर श्री अतुल श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
शिविर में अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री चन्द्रमोहन श्रीवास्तव ने बताया कि ‘सुवास प्रकोष्ठ’ के माध्यम से अब माननीय उच्चतम न्यायालय एवं माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के निर्णयों को हिन्दी में पढ़ा जा सकता है। यह व्यवस्था न केवल न्यायिक पारदर्शिता को बढ़ाएगी, बल्कि आम नागरिकों को अपने अधिकारों के प्रति अधिक जागरूक भी बनाएगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री सौरभ द्विवेदी, अपर जिला जज तथा श्री मयंक त्रिपाठी, नोडल अधिकारी/अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम द्वारा की गई। शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैनल अधिवक्तागण, पराविधिक स्वयंसेवक, मध्यस्थगण, एल०ए०डी०सी०एस० में नामित अधिवक्तागण सहित बड़ी संख्या में विधिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने सहभागिता की।
शिविर के दौरान उपस्थित प्रतिभागियों को माननीय उच्चतम न्यायालय एवं माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद द्वारा जारी निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी गई तथा इस सुविधा का अधिक से अधिक जनसामान्य तक प्रचार-प्रसार करने की अपील की गई।
न्यायिक निर्णयों को हिन्दी भाषा में देखने एवं समझने के लिए निम्न वेबसाइट की जानकारी भी साझा की गई—
🔹 https://www2.allahabadhighcourt.in/ahcr
🔹 https://elegalix.allahabadhighcourt.in/elegalix/translation/vernacular2.html
अधिकारियों ने यह भी बताया कि जनपद बार एसोसिएशन, जिला प्रशासन, स्थानीय प्राधिकरणों, विधि महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के सहयोग से इस जनहितकारी पहल को व्यापक स्तर पर प्रचारित किया जाएगा, ताकि समाज का हर वर्ग इसका लाभ उठा सके।
यह पहल न्याय को भाषा की सीमाओं से मुक्त कर आम नागरिकों के और अधिक निकट लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है ।।
